नैनीताल : उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने गुरूवार को 42 छात्रोें के मामले में सुनवाई करते हुए सीबीएसई को इन सभी छात्रों को बारहवीं की आने वाली बोर्ड परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिये हैं। मामले को देहरादून के प्रेमनगर स्थित ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाली रूबी और उसके 41 अन्य साथियों की ओर से चुनौती दी गयी है। इस मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एलपीजी में हुई।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता डा0 कार्तिकेय हरि गुप्ता ने अदालत को बताया कि स्कूल ने सभी छात्रों को 12वीं कक्षा में प्रवेश दिया। इसके बदले में स्कूल ने प्रत्येक छात्र से 54000 पंजीकरण शुल्क वसूला। जब छात्रों ने सीबीएसई से संपर्क किया तो पाया कि स्कूल ने न तो पंजीकरण शुल्क जमा किया है और न ही उनके प्रवेश के लिये सीबीएसई से उचित अनुमति ली है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत उत्तराखंड के बाल संरक्षण आयोग से की। आयोग ने इस मामले की जांच करायी तो पता चला कि स्कूल ने सीबीएसई नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश दिया है।
इस धोखाधड़ी के लिये स्कूल के प्रबंधकों भूपेश कुमार व अमन कुमार के खिलाफ प्रेमनगर थाना में 16 दिसंबर को अभियोग पंजीकृत कर लिया गया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सीबीएसई को सभी छात्रों को सत्र 2022-23 के लिये एक जनवरी से होने वाली प्रयोगात्मक व बोर्ड परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही कहा कि परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अदालत ने सीबीएसई व स्कूल को इस मामले में चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने को कहा है।
उच्च न्यायालय ने सीबीएसई को दिये 42 छात्रों को परीक्षा में बैठाने के निर्देश
