नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा के कथित मलिक के बगीचे से अतिक्रमण हटाये जाने के मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को सरकार से 10 मई तक जवाब पेश करने को कहा है। मामले को मलिक के बगीचे निवासी साफिया मलिक की ओर से चुनौती देते हुए कहा गया कि सरकार की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिये जो कार्यवाही की गयी वह गलत है। सरकार की ओर से सार्वजनिक परिसर बेदखली अधिनियम (पीपीपी) के तहत कार्यवाही नहीं की गयी।
याचिकाकर्ता की ओर से कांग्रेस नेता और अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने वर्चुअली पैरवी करते हुए कहा कि उन्हें सुनवाई का मौका तक नहीं दिया गया है। अतिक्रमण हटाने को लेकर जो नोटिस जारी किया गया वह भी गलत है। नियमावली का पालन नहीं किया गया।
दूसरी ओर सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) चंद्रशेखर रावत ने कहा कि सरकार ने पालिसी के तहत कार्यवाही की है। आवंटित भूमि की लीज पर दी समाप्त हो गयी थी। पीपी एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी। अंत में अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकार से इस मामले में 10 मई तक जवाब देने के निर्देश दिये हैं। साथ ही याचिकाकर्ता को भी प्रतिशपथ पत्र देने का कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
हल्द्वानी अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
