नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने चीन सीमा से सटे उच्च हिमालयी क्षेत्र के 80 गांवों में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट कनेक्टिविटी की मामले में पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने पिथौरागढ़ के जिला न्यायाधीश से भी रिपोर्ट मांगी है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी की अगुवाई वाली पीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। अदालत में दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की ओर कहा गया कि इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। कनेक्टिविटी कार्य नियमित रूप से जारी है। अदालत ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से 16 फरवरी तक पूरे प्रकरण में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। न्याय मित्र अधिवक्ता दुष्यंत मनाली ने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ है।
गौरतलब है कि धारचूला की शिक्षिका के पत्र का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की है।
न्यायमित्र अधिवक्ता दुष्यंत मनाली की ओर से अदालत को बताया गया कि चीन सीमा से सटी धारचूला तहसील 2690 वर्ग किमी में फैली है। इसमें से 2686.77 वर्ग किमी ग्रामीण क्षेत्र है और इसके तहत 80 गांव शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 58,650 लोग निवास करते हैं।
इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। यहां के लोग नेपाल व चीन के नेटवर्क पर निर्भर हैं। नेपाली व चीनी मोबाइल नेटवर्क से देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यह आपदाग्रस्त क्षेत्र है और आपात स्थिति में संचार सेवा की कमी स्थिति को भयावह बना सकती है।
चीन सीमा से सटे गांवों में मोबाइल नेटवर्क मामले में हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
