280 सड़कें और 703 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
शिमला : हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर से बिगड़ गया है और मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना में अधिकांश स्थानों पर मध्यम और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है।
प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग और 280 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। मंडी से सबसे अधिक 162 सड़कें ठप हैं। इसके साथ ही 703 बिजली ट्रांसफार्मर और 106 जलापूर्ति योजनाएं बंद चल रही हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक बिजली ट्रांसफार्मर तथा जलापूर्ति योजनाएं बंद हैं।
शिमला में फिर से जगह-जगह भूस्खलन व पेड़ गिरने की सूचना है। टॉलेंड में पेड़ गिर गया है। तारादेवी के पास भी पेड़ गिरने से कालका-शिमला-रामपुर हाईवे बाधित हो गया। भारी बारिश से भट्टाकुफर में भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से पेड़ों समेत बड़ी मलबा निचली ओर बनी बनी रिहायशी कॉलोनी में जा घुसा। इससे जयमोती भवन की सड़क बंद हो गई है। दो भवनों में मलबा घुसने से भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, समरहिल के शिवमंदिर के पास भारी बारिश के चलते फिर से नाले में जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते बचाव अभियान को रोकना पड़ा।
हिमाचल के मंडी जिले के तहत बलद्वाड़ा तहसील के भद्रवाणी स्कूल पर अचानक चट्टान आ गिरी। इससे स्कूल दीवार टूट गई। हादसे में दो छात्र बाल-बाल बच गए। वहीं, जिला किन्नौर की रूपी वैली को जोड़ने वाले चौरा-रूपी संपर्क मार्ग पर देर रात पहाड़ी दरक गई। मार्ग बंद होने से हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
रामपुर-ननखड़ी मुख्य मार्ग एक माह बाद भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है। भारी बरसात के चलते मार्ग शरण ढांक में पूरी तरह से क्षतिगस्त हुआ है। कुल्लू-मंडी नेशनल हाईवे पर पंडोह डैम का अस्थायी लिंक बीती रात से जारी बारिश के कारण बंद हो गया है। इससे करीब 600 वाहन कैंची मोड़ से लेकर जोगनी माता मंदिर तक फंस गए हैं। इसी प्रकार दूसरी तरफ पंडोह, नौ मील तथा चार मील में करीब 700 वाहन कुल्लू जाने के लिए रुके हैं।
प्रदेश में मानसून सीजन में 227 लोगों की मौज हो गया है जबकि 119 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। 331 लोग घायल हुए हैं। राज्य में 2216 घर ढह गए हैं। 9819 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 300 दुकानों व 4702 गोशालाओं को नुकसान हुआ है। इस दौरान राज्य में भूस्खलन की 130 और अचानक बाढ़ की 60 घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में नुकसान का आंकड़ा 8099.46 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
