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हिमाचल का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट होगा शुरू

शिमला : सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पेखुबेला स्थित 32 मेगावॉट क्षमता वाले हिमाचल के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास दो दिसंबर 2023 को किया गया था। इसे मार्च 2024 तक के अंत तक पूरा किया जाएगा। ऊना में अघलोर स्थित 10 मेगावॉट क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट जून 2024 तक बनाकर तैयार कर दिया।
ऊना के भंजाल में पांच मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट का सितंबर 2024 तक लोकापर्ण किया जाएगा। राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के अंतर्गत निजि भूमि पर 45 प्रतिशत उपदान पर 100 से 500 किलोवॉट तक के सोलर पैनल लगाने के कार्य में गति लाई जाएगी। इस योजना के तहत प्रथम चरण में कुल 100 मेगावॉट सोलर क्षमता का दोहन सुनिश्चित किया जाएगा। निजी भूमि पर स्थापित होने वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं का पंजीकरण पूरे वर्ष के लिए खुला रखा जाएगा जिससे 100 मेगावॉट सौर क्षमता का दोहन शीघ्र संपन्न हो पाएगा। प्रदेश के बाल एवं बालिका आश्रमों तथा वृद्ध आश्रमों और राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल में ग्रिड से जुड़े रूफ टॉप सोलर प्लांट और जल तापन प्रणाली स्थापित किए जाएंगे ।
पांच पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इनमें लाहौल-स्पीति में चंद्रताल, काजा व तांदी, किन्नौर के रकछम, और नाको-चांबो-खाब शामिल हैं। शिमला में कुफरी के नजदीक हासन घाटी के मशहूर पर्यटन स्थल पर एक स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में कुल 16 प्रस्तावित हेलीपोर्ट में से प्रथम चरण में नौ हेलीपोर्ट हमीरपुर में जसकोट, कांगड़ा में रक्कड़ और पालमपुर, चंबा के सुल्तानपुर, कुल्लू में आलू ग्राऊंड, मनाली, किन्नौर में शारबो, तथा लाहौल-स्पिति में जिस्पा, सिस्सू और रांगरिक में विकसित किए जाएंगे।
इन नौ हेलीपोर्ट की व्यवहार्यता अध्ययन रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं। रक्कड़, सुल्तानपुर और पालमपुर का ओएलएस सर्वे हो चुका है और इनकी डीपीआर शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगी। रक्कड़ और पालमपुर का वास्तुशिल्पीय डिज़ाइन प्राप्त हो चुका है। 13 करोड़ रुपये प्रति हेलीपोर्ट की लागत से रक्कड़, पालमपुर, रिकांगपिओ, चंबा में वास्तुशिल्पीय डिजाइन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दूसरे चरण में चंबा के पांगी और होली, बिलासपुर के औहर, सिरमौर के धारकियारी, शिमला के चांशल धार, ऊना के जनकौर हर तथा सोलन के गलानाग में हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार के माध्यम से पवन हंस लिमिटिड से आवश्यक सहायता ली जाएगी।
प्रदेश में कैंसर की रोकथाम तथा उपचार के लिए डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ स्टेट कैंसर संस्थान की स्थापना की जाएगी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की सहायता से प्रदेश में बढ़ते कैंसर के रोगियों के कारणों का पता भी लगाया जाएगा। कैंसर पीड़ित मरीजों को प्रदेश में ही कीमोथेरपी तथा प्रशामक देखभाल की सुविधा प्रदान करने के लिए जिला अस्पतालों तथा चयनित आदर्श स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंसर डे केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी।
इन केंद्रों में कीमोथेरपी ले रहे सभी मरीजों के लिए बेड का प्रावधान होगा तथा कीमोथेरपी दवाओं को राज्य आवश्यक दवा सूची में शामिल किया जाएगा ताकि मरीजों को कीमोथेरपी के लिए अधिक पैसा व्यय न करना पड़े। पिछले बजट में घोषित 69 आदर्श स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य विभिन्न चरणों में है तथा इनमें से अधिकांश का कार्य 2024-25 में पूरा कर दिया जाएगा तथा इसी वर्ष यंत्रावली और उपकरण की व्यवस्था करने के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति केंद्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 3415 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

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