‘सूरी अमर रहे’ के नारे गूंजे
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में कत्ल किए गए हिंदू नेता सुधीर सूरी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनकी अंतिम यात्रा घर से करीब 12 बजे निकली थी, जो कि 1:30 बजे श्मशान घाट पर पहुंची। 4 किलोमीटर के सफर को तय करने में डेढ़ घंटा लग गया।
सूरी को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। श्मशान घाट में भी सूरी अमर रहे के नारे गूंजे। वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।
इससे पहले पुलिस ने शव यात्रा में शामिल होने वाले हिंदू नेताओं को नजरबंद कर दिया था। इस पर सूरी का परिवार भड़क गया। परिवार ने ऐलान किया था कि जब तक इन हिंदू नेताओं को नहीं छोड़ेंगे, तब तक वह शव यात्रा नहीं निकालेंगे। इसके बाद पुलिस ने हिंदू नेताओं को छोड़ दिया। वहीं माहौल को देखते हुए सिख नेता नजरबंद किए गए।
शनिवार पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को तिलक नगर स्थित घर ले जाया गया था। जहां उनके परिवार और हिंदू संगठनों ने शाम 6 बजे तक धरना दिया। इस दौरान वे तकरीबन आधा घंटा रेलवे लाइनों पर भी बैठे। पुलिस के साथ हलकी-फुलकी झड़प भी हुई। परिवार व संगठनों की तरफ से जिला प्रशासन को मांगें बताई गई थीं।
परिवार ने मांगों में सुधीर सूरी को शहीद का दर्जा, परिवार में से एक को सरकारी नौकरी, हिंदू नेताओं को सुरक्षा और स्नढ्ढक्र में अमृतपाल सिंह का नाम दर्ज करने की मांगें थी। जिसे रात तकरीबन 6: 30 बजे डीसी हरप्रीत सिंह सूदन और पुलिस कमिश्नर अरुण पाल सिंह ने मान लिया।
शहर में कड़ी की गई सुरक्षा
परिवार की तरफ से शव यात्रा की घोषणा के बाद से ही शहर में सुरक्षा को कड़ा किया गया है। कल से ही कुछ सिख नेताओं को भी नजर बंद किया गया है। इतना ही नहीं, शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है।
हिंदू नेता पंचतत्व में विलीन
