रतलाम : मध्यप्रदेश के रतलाम में अयोध्या में होने वाले 22 जनवरी को राम लला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर यहाँ बाजारों में झण्डों और पटाखों की जबर्दस्त खरीददारी देखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी को घर-घर में दीवाली मनाए जाने के आव्हान के चलते आम लोग भगवा झण्डे और पटाखों की खरीददारी कर रहे हैैं। शहर के बाजार भगवा झण्डो से पट गए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रभात फेरिया निकाली जा रही। झण्डों की खरीददारी की जा रही है। झण्डों में किसी पर बजरंग बली के चित्र बने है, तो किसी पर जय श्री राम लिखा हुआ है।
झण्डों के व्यवसाय से जुडे सिद्धार्थ गांधी ने बताया कि पिछले करीब दस दिनों से झण्डों की जमकर खरीददारी हो रही है। इसके साथ ही राम मन्दिर के माडल, राम मन्दिर की लाइटिंग वाली फ्रैम, भगवान राम के चित्र इत्यादि की भी जमकर खरीददारी हो रही है। सबसे ज्यादा खरीददारी भगवा झण्डों की हो रही है। अब तक शहर में लगभग डेढ लाख झण्डे लोगों द्वारा खरीदे जा चुके हैैं। व्यवसाईयों का कहना है कि झण्डों की बिक्री में अभी और उछाल आने की संभावना है।
इसके अलावा पटाखे खरीद बढ़ी है। बाजार में पटाखों की कमी हो गई है। इस वजह से पटाखों की कीमतें भी आसमान छूने लगी है। पटाखों की कीमत दीवाली की कीमतों से भी अधिक हो गई है। शहर में पटाखों का थोक कारोबार करने वाले व्यवसायी मांग को पूरा नहीं कर पा रहे है। व्यवसाईयों का कहना है कि शहर में पटाखों की बिक्री दीवाली जैसा माहौल बनाती हुई दिख रही है। इस बात का अंदाजा नहीं था कि अचानक से पटाखों की जबर्दस्त मांग आएगी। आमतौर पर पटाखों का उपयोग दीपावली व शादी ब्याह के कार्यक्रमों में होता है। इसी हिसाब से स्टाक रखते है।
पटाखा व्यवसायी विमल पोखरना के मुताबिक उम्मीद है कि आखरी के तीन दिन यानी, 20, 21 और 22 जनवरी को पटाखों की जबर्दस्त बिक्री होगी। अधिकांश पटाखें इन्दौर मण्डी से मंगवाए जाते है। इन्दौर में पटाखा मण्डी में हलचल तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा भी लोगों में पटाखों की मांग को देखते हुए दीवाली की ही तरह पटाखा विक्रय के लाइसेंस देने पर विचार किया जा रहा है। एसडीएम संजीव केशव पाण्डेय ने बताया कि इस विषय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
रामलला की प्राणप्रतिष्ठा को लेकर पटाखों की जबर्दस्त बिक्री
