भिंड : मध्यप्रदेश के भिंड जिले में तीन साल बाद एक बार फिर आई फ्लू का प्रकोप फैल गया है। पिछले पांच दिनों में सात सौ से ज्यादा आई फ्लू के मरीज सामने हैं, जिन्हें दवाइयां देकर कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रविकांत जैन ने आज यहां बताया कि पिछले पांच दिनों में 700 से ज्यादा मरीज आई फ्लू के सामने आए हैं। हालांकि सभी मरीजों को दवाएं देने के साथ कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन बाद मौसम में ठंडक आने के बाद इस बीमारी के संक्रमण में कमी आएगी।
भिंड जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में पहुंचने वाले मरीजों में 60 फीसदी मरीज छोटे बच्चे हैं। एक दिन पहले ही फूप और दबोह में स्कूलों के बच्चों को आईफ्लू की चपेट में होना पाया गया, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन की ओर से इन बच्चों को घर वापस कर दिया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर सीएचओ पीडितों की जांच कर रहे हैं। आवश्यक होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
बच्चों में आई फ्लू का प्रकोप फैलने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से भी अभिभावकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों से कहा गया है कि विद्यालय में काला चश्मा पहनकर आए। साथ ही यदि उन्हें आंखों में दर्द अथवा किसी तरह की समस्या है तो घर पर रेस्ट करें। दरअसल यह बीमारी संक्रामक है। ऐसे में किसी एक बच्चे की वजह से अन्य बच्चे इस बीमारी का शिकार न हो जाएं, इसलिए बचाव के तौर पर स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
भिंड में आईफ्लू का प्रकोप
