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पंजाब में विद्युत चोरी की घटनायें बढ़ी

जालंधर : पंजाब सरकार द्वारा राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को द्विमासिक 600 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है, जिसके चलते लोग अपने बिजली बिलों की मासिक रीडिंग 600 यूनिट से कम करने के लिये बिजली चोरी का सहारा ले रहे हैं, जो बिजली चोरी के कारणों में से एक है। इसके अलावा राजनीतिक संरक्षण में बिजली चोरी पिछले कई वर्षों से चल रही है।
सीमा और पश्चिम क्षेत्र में पीएसपीसीएल कर्मचारियों द्वारा की जा रही चेकिंग के खिलाफ जनता द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। उपभोक्ताओं के घरों के अंदर से लेकर बाहर खंभों पर लगे मीटरों को बदलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यहां तक कि इसके कारण इलेक्ट्रो-मैकेनिकल मीटरों को बदलने में भी बाधा आ रही है।
ऑल इंडिया इंजीनियर एसोसिएशन के प्रवक्ता वी के गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि राज्य का सेंट्रल ज़ोन एकमात्र ऐसा ज़ोन है, जहाँ लाइन लॉस सबसे कम है और केवल 43 फीडरों ने 15 से 25 प्रतिशत लाइन लॉस की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में इस वर्ष जून के अंत से सितंबर के अंत तक 15 से 90 प्रतिशत के बीच घाटे वाले फीडरों की कुल संख्या 2980 से घटकर 2714 हो गयी है, लेकिन 80 से 90 प्रतिशत के बीच घाटे वाले फीडरों की संख्या एक से बढ़कर 11 हो गयी है।
गुप्ता ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में, भटिंडा सर्कल के भगता भाई का डिवीजन के तहत भगता सब डिवीजन 87.37 प्रतिशत लाइन घाटे के साथ फीडरों की सूची में सबसे ऊपर है और इसके बाद तरनतारन सर्कल के भिखीविंड डिवीजन के तहत खेमकरण सब डिवीजन में एक फीडर में 84.97 प्रतिशत नुकसान है।
पीएसपीसीएल में 11 फीडर ऐसे हैं, जहां लाइन लॉस 80 फीसदी से ज्यादा है। इनमें सीमा क्षेत्र में 10 और पश्चिम क्षेत्र में एक शामिल है। इसी प्रकार सीमा क्षेत्र में 25 फीडर हैं जिनमें 70 से 80 प्रतिशत लाइन हानि है और पश्चिम क्षेत्र में ऐसे छह फीडर हैं। साठ से 70 प्रतिशत की सीमा में नुकसान 116 फीडरों का है और 65 फीडर सीमा क्षेत्र में हैं और शेष 51 फीडर पश्चिम क्षेत्र के हैं।
पीएसपीसीएल में 50 प्रतिशत घाटे से ऊपर के फीडरों की कुल संख्या भी 362 से बढ़कर 414 फीडर हो गयी है। पीएसपीसीएल के बॉर्डर और वेस्ट जोन ही ऐसे दो जोन हैं, जहां 158 फीडर हैं, जहां लाइन लॉस 60 फीसदी से ज्यादा है। मध्य, उत्तर और दक्षिण जोन में शून्य फीडर हैं और 60 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस है। पचास से 60 प्रतिशत के बीच नुकसान वाले 256 फीडर हैं, जिनमें पश्चिम में 133, सीमा क्षेत्र में 90 और दक्षिण क्षेत्र में 33 शामिल हैं। 25 से 50 प्रतिशत घाटे वाले फीडर 99 हैं, पश्चिम क्षेत्र में सबसे अधिक 565 और उसके बाद दक्षिण क्षेत्र में 266 फीडर हैं।
बॉर्डर जोन के तरनतारन सर्कल में सबसे खराब डिवीजन भिखीविंड और पट्टी हैं। सबअर्बन सर्कल में वेस्ट डिवीजन में सात फीडर हैं, जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा लॉस है। पश्चिमी क्षेत्र में भटिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब सर्कल चोरी की आशंका वाले क्षेत्रों में से हैं। यहां तक कि बादल डिविजन में भी 17 फीडर ऐसे हैं जिनका घाटा 50 से 60 फीसदी के बीच है।
पीएसपीसीएल रिकॉर्ड के अनुसार, फीडरों पर 25 प्रतिशत से अधिक घाटे वाले 52 डिवीजन हैं और अधिकतम 20 डिवीजन पश्चिम क्षेत्र में हैं, इसके बाद दक्षिण में 18 डिवीजन, सीमा क्षेत्र में 12 और उत्तरी क्षेत्र में दो डिवीजन हैं।
पश्चिमी जोन में जीरा, भगता भाईका, बाघा पुराना, मलोट, जलालाबाद, रामपुरा फूल, बादल, गिद्दड़वाहा, श्री मुकतसर साहिब, उप-शहरी और शहर फिरोजपुर, शहर मोगा, भटिंडा, बुडलाधा, फाजिल्का, उप-शहरी फिरोजपुर, फरीदकोट , मौर, और मनसा शामिल हैं।
सीमा क्षेत्र डिवीजनों में भिखीविंड, पट्टी, पश्चिम अमृतसर, अजनाला, उप शहरी तरनतारन, शहर तरनतारन, जंडियाला, रय्या शहर, क्वाडियन और उप शहरी अमृतसर, उप-शहर तरनतारन हैं। दक्षिण क्षेत्र में, डिवीजन पाट्रान, धुरी, दिरबे, मोहाली, पटियाला पूर्व, बरनाला, मलेरकोटला, समाना, संगरूर, चीमा, लोंगोवाल, लहरा गागा, मूनक, शहर बरनाला, उभेवाल और उप-शहर सुनाम हैं।

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