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जोशीमठ में दरार पड़ी घरों में वृद्धि, 678 घरों में मिलीं दरारें

देहरादून : उत्तराखंड के चमोली जनपद के जोशीमठ में भू-धंसाव के कारण अब तक दरारों प्रभावित मकानों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। सोमवार तक जोशीमठ में दरार युक्त मकानों की संख्या 678 तक पहुंच गई है। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 81 परिवारों और उनके दरके मकानों से राहत शिविरों में अस्थाई तौर पर विस्थापित किया गया है। जोशीमठ नगर में 19 ऐसे भवन चिन्हित किये गये हैं जहां 1191 लोगों को रहने की क्षमता है।

जोशीमठ नगर से बाहर निकट के नगर पीपलकोटी में 20 ऐसे भवन चिन्हित किये गये हैं जहां 2206 लोगों के रहने की क्षमता है। जोशीमठ नगर का 4 वार्डों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करने के आदेश प्रशासन ने जारी कर दिये हैं। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने जोशीमठ नगर में भवन सर्वे कार्यो के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी भवनों का सर्वे कार्य जल्द से जल्द पूरा करना सुनिश्चित करें। जिस वार्ड में भवनों की संख्या अधिक है, वहां पर अतिरिक्त टीम लगायी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है। जो भवन असुरक्षित हो चुके है वहां से लोगों को तत्काल शिफ्ट कराएं। असुरक्षित भवनो में कोई भी व्यक्ति ना रहे।जोशीमठ नगर में नौ वार्ड है। सभी वार्डों में प्रत्येक भवन का सर्वे किया जा रहा है। बैठक में अपर जिलाधिकारी डा.अभिषेक त्रिपाठी, सयुंक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम कुमकुम जोशी सहित टेक्निकल सर्वे टीम के सभी नोडल अधिकारी मौजूद थे।
सोमवार को मुख्य सचिव एसएस संधू की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई संबंधित विभागों की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इससे पहले इस संदर्भ में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव रंजीत सिन्हा ने मीडिया सेंटर में जानकारी देते बताया कि जोशीमठ में अब तक 603 घरों का चिन्हीकरण किया गया है जिनमें दरारें पाई गई हैं। इनमें से 68 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 38 परिवारों को किराए के मकान में शिफ्ट किया गया है। इनको राज्य सरकार के मानकों के अनुसार किराया राशि दी जा रही है।
श्री सिन्हा ने बताया कि आपदा धारा अधिनियम की धारा 33 एवं 34 के तहत लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अत्यधिक रूप से क्षतिग्रस्त दो होटलों मलारी इन एवं माउंट व्यू का मेकैनिकल तरीके से ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इसके लिए सीबीआरई की टीम को भेजा गया था जिसके द्वारा सर्वे आदि के कार्य किए गए हैं। आवास एवं शहरी विकास विभाग को जोशीमठ का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। टू एरोजन को रोकने के लिए सुरक्षा के कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे। इसके लिए टेक्निकल संस्था का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जोशीमठ नगर में पड़ी दरारों के मद्देनजर ऊर्जा निगम के साथ ही पिटकुल की टीमों को भी वहां भेजा जा रहा है।
आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि राहत कार्यों के संचालन के लिए शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इसी तरह से जनपद स्तर पर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। जोशीमठ के ड्रेनेज प्लान का जो टेंडर पूर्व में 20 जनवरी को खोला जाना था उसे मौजूदा हालातों को देखते हुए अब 13 जनवरी को खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रत्येक दिन रोजाना 12 बजे मुख्य सचिव जोशीमठ के संदर्भ में समीक्षा बैठक करेंगे।

सचिव ने बताया कि राज्य सरकार भारत सरकार के संपर्क में बनी हुई है और सहायता मिल रही है। आवश्यकता पड़ने पर पैकेज बनाकर केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। अभी तीन स्थानों कोटी कॉलोनी, पीपलकोटी एवं जड़ी बूटी संस्थान में लोगों के विस्थापन का निर्णय लिया गया है।

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