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होमस्टे सुविधाएं मिलने पर पर्यटकों की वृद्धि

श्रीनगर : केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पिछले साल सरकार द्वारा शुरू की गयी होमस्टे सुविधा होने की वजह से वर्जित क्षेत्रों में पर्यटकों की चहल-कदमी बढ़ी है। एक अधिकारी ने बताया कि होमस्टे सुविधा में ठहरकर आकर्षक दृश्यों का आनंद लेने के लिए पर्यटक पहली बार नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई के अंत तक 1.27 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है, जिसमें तीन दशकों से अधिक समय के बाद विदेशी पर्यटकों में 59 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। इस साल आगमन की संख्या दो करोड़ से अधिक होने की संभावना है।
पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,“होमस्टे एक ऐसी पहल है जो पर्यटकों के लिए आवास और भोजन की समस्या को काफी हद तक हल करती है।” उन्होंने कहा कि इस पहल से पर्यटन में रोजगार पाने का जरिया बनेगा। अधिकारी ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में नए पर्यटन स्थलों की शुरुआत की है, जहां होटल और रेस्तरां अभी तक अच्छी तरह से स्थापित नहीं हैं, लेकिन होमस्टे एक घरेलू सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे स्थानों पर वातावरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ।
अधिकारी ने कहा,“इन जगहों पर होटलों के निर्माण से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है, लेकिन होमस्टे की स्थापना से पर्यावरण के ख़राब होने की कोई आशंका नहीं है। जिनके पास कम से कम चार कमरे हैं, वे पर्यटन विभाग’ के साथ होमस्टे के लिए पंजीकृत हो सकते हैं।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2022 में मिशन दिवस के तहत 500 युवाओं को 50 हजार रुपये के प्रोत्साहन के साथ होमस्टे स्थापित करने में मदद की है।
मिशन दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के विकास और स्थिरता को सुनिश्चित करना है और साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर भी प्रदान भी करना है। अधिकारी ने कहा कि होमस्टे पहल के तहत, पिछले दो वर्षों के दौरान जम्मू-कश्मीर में पांच हजार कमरों वाले लगभग 9,500 बिस्तर स्थापित किए गए हैं। कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में होमस्टे स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नये पर्यटन स्थलों एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में होम टाउन बसाने को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

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