नई दिल्ली: भारत ने मालदीव को ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना सहित विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए 10 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त ऋण देने के साथ ही देश की रक्षा एवं सुरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए एक नौसैनिक पोत एवं 24 वाहन देने के साथ 61 द्वीपों में पुलिस ढांचा मजबूत बनाने में सहयोग देने की मंगलवार को घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की यात्रा पर आये मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के बीच हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये निर्णय लिये गये। दोनों देशों ने आपसी सहयोग के छह दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। दोनों नेताओं ने ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना का वीडियो लिंक के माध्यम से शिलान्यास किया।
भारत द्वारा 50 करोड़ डॉलर की सहायता से बनने वाले ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना मालदीव की सबसे बड़ी अवसंरचना परियोजना है। यह 6.74 किलाेमीटर लंबी सेतु परियोजना माले से विल्लंगली, गुल्हीफाह्लू और तिलहफूसी द्वीपों को जोड़ती है। इससे मालदीव में रोज़गार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और देश की की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी। भारत ने इस परियोजना के लिए 40 करोड़ डॉलर ऋण के रूप में और 10 करोड़ डॉलर अनुदान के रूप में प्रदान किये हैं।
दोनों देशों के बीच आज जो समझौते हुए उनमें मालदीव स्थानीय परिषदों और महिला विकास समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को लेकर करार, मालदीव के मत्स्य पालन मंत्रालय एवं भारत के इन्कोएस के बीच समुद्री अनुसंधान एवं मछली पकड़ने वाले क्षेत्र में भविष्यवाणी की क्षमता बढ़ाने को लेकर करार, भारत एवं मालदीव के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत के सीईआरटी तथा मालदीव के एनसीआईटी के बीच करार, मालदीव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच आपदा प्रबंधन को लेकर सहयोग का करार, मालदीव के 61 द्वीपों में 4.1 करोड़ डॉलर के ऋण से पुलिस अवसंरचना निर्माण के लिए एक्ज़िम बैंक एवं मालदीवीय वित्त मंत्रालय के बीच करार तथा एक्जिम बैंक और हुलहुमाले में दो हजार सोशल आवासों के निर्माण किये जाने को लेकर मालदीवीय वित्त मंत्रालय के बीच 11.9 करोड़ डॉलर के ऋण के बारे में आशय पत्र का आदान प्रदान शामिल है।
बैठक के बाद प्रमुख घोषणाओं में मालदीव को 10 करोड़ डॉलर के नये अतिरिक्त ऋण की घोषणा। हनीमादू हवाईअड्डे के विकास के लिए 12.8 करोड़ डॉलर के ठेके को स्वीकृति। गुल्हीफाह्लू बंदरगाह के विकास के लिए 32.4 करोड़ डॉलर की निविदा प्रक्रिया को शुरू करने को मंजूरी। लामू में तीन करोड़ डॉलर की लागत वाले मालदीव के पहले कैंसर अस्पताल के निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट को स्वीकृति, मालदीव से ट्यूना मछली के भारत में कर मुक्त आयात जारी रखने तथा मालदीव को पहले प्रदान किये गये नौसैनिक पोत सीजीएस हुरावी के बदले एक नया नौसैनिक पोत देने एवं मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के लिए दूसरे लैंडिंग क्राफ्ट एसाॅल्ट की आपूर्ति और 24 यूटिलिटी वाहनों का उपहार की घोषणाएं शामिल हैं।
इब्राहिम मोहम्मद सोलिह कल भारत दौरे पर पहुंचे थे। जिसके बाद पहले दोनों नेताओं के बीच एकांत में बातचीत हुई और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई। बैठक में भारत ने मालदीव को 2030 तक उसके शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में राष्ट्रपति सोलिह का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और मालदीव के मित्रतापूर्ण संबंधों में नया जोश आया है, हमारी नजदीकियां बढ़ी हैं। महामारी से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद हमारा सहयोग एक व्यापक भागीदारी का रूप लेता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी आज राष्ट्रपति सोलिह के साथ कई विषयों पर व्यापक चर्चा हुई है। उन्होंने हमारे द्विपक्षीय सहयोग के सभी आयामों का आकलन किया और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने कहा अभी कुछ देर पहले हमने ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की शुरुआत का स्वागत किया। यह मालदीव की सबसे बड़ी अवसंरचना परियोजना होगी। हमने आज ग्रेटर माले में 4000 सोशल आवासों के निर्माण के परियोजना की समीक्षा की है। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता है कि हम इसके अतिरिक्त 2000 सोशल आवासों के लिए भी वित्तीय सहायता देंगे। उन्होंने कहा हमने 10 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त ऋण देने का निर्णय भी किया है, ताकि सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। ”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हिन्द महासागर में पारदेशीय अपराध, आतंकवाद तथा ड्रग्स तस्करी का खतरा गंभीर है और इसलिए रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और मालदीव के बीच करीबी संपर्क और समन्वय पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इन सभी साझा चुनौतियों के ख़िलाफ़ हमने अपना सहयोग बढ़ाया है। इसमें मालदीव के सुरक्षा अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण सहयोग भी शामिल है। उन्होंने घोषणा की कि भारत मालदीव सुरक्षा बल के लिए 24 वाहन और एक नौसैनिक पोत प्रदान करेगा। हम मालदीव के 61 द्वीपों में पुलिस सुविधाओं के निर्माण में भी सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा, “मालदीव सरकार ने 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। मैं इस संकल्प के लिए राष्ट्रपति सोलिह को बधाई देता हूं और यह आश्वासन भी देता हूँ कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत मालदीव को हर संभव सहयोग देगा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विश्व, एक सूर्य, एक ग्रिड, इसकी पहल उठाई है, और इसके तहत हम मालदीव के साथ प्रभावी कदम ले सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि आज भारत-मालदीव साझीदारी न सिर्फ दोनों देशों के नागरिकों के हित में काम कर रही है, बल्कि क्षेत्र के लिए भी शांति, स्थिरता और समृद्धि का स्रोत बन रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि मालदीव की किसी भी जरूरत या संकट में भारत सबसे पहले मदद करने वाला रहा है और आगे भी रहेगा।
बैठक में मालदीव में भारत के सहयोग से चल रही परियोजनाओं की समीक्षा भी की गयी जिनमें हुलहुमाले में भारत के एक्ज़िम बैंक द्वारा 22.7 करोड़ डॉलर के ऋण द्वारा 4000 सोशल आवासों का निर्माण किया गया है। ये किफायती आवास मालदीव सरकार की प्राथमिकताओं में से एक हैं। इनमें 2800 आवास तीन शयनकक्षों एवं तीन शौचालयों वाले हैं और 1200 आवास दो शयनकक्ष एवं दो शौचालयों वाले हैं। इन्हें दो परियोजनाओं के तौर पर बनाया जा रहा है। इनका निर्माण इस वर्ष जनवरी में आरंभ हुआ है।
भारत के 80 करोड़ डॉलर के वित्तीय सहयोग से बनने वाले अड्डू सड़क एवं तूफानी जल निकासी परियोजना में 40 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़कें, 67 किलोमीटर लंबी सहायक सड़कें और 104 किलोमीटर लंबा जलनिकासी नेटवर्क और हितादू एवं माराधू द्वीपों को जोड़ने वाले एक चार लेन का बाइपास का निर्माण जिसमें 210 मीटर एवं 40 मीटर के दो पुल भी हैं, शामिल हैं।
मालदीव के 34 द्वीपों में 80 करोड़ डॉलर के ऋण से जल एवं स्वच्छता परियोजना चल रही है। इससे देश की करीब 35 हजार की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ होगा। इस परियोजना में वर्षाजल संग्रहण एवं उपचार, समुद्री जल के खारेपन को दूर करना एवं आपूर्ति तथा सीवेज संग्रहण एवं निस्तारण शामिल है। माले में सबसे पुरानी जुम्मा मस्जिद या हुकुरु मिस्की का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा 12 लाख डॉलर के अनुदान से पुनरुद्धार किया जा रहा है।
