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‘खसरा एवं रूबेला चैंपियन’ पुरस्कार मिला भारत को

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को खसरा और रूबेला रोग की रोकथाम के लिए “अंतरराष्ट्रीय खसरा एवं रूबेला पुरस्कार ” से सम्मानित किया गया है।
मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि खसरा और रूबेला से निपटने के लिए देश के अथक प्रयासों के लिये भारत को छह मार्च को अमेरिका के वाशिंगटन में अमेरिकी रेड क्रॉस मुख्यालय में “द मीजल्स एंड रूबेला पार्टनरशिप” ने प्रतिष्ठित “अंतरराष्ट्रीय खसरा और रूबेला चैंपियन पुरस्कार” से सम्मानित किया है। यह सम्मान अमेरिका में भारतीय राजदूतावास में उप प्रमुख श्रीप्रिया रंगनाथन ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्राप्त किया।
द मीजल्स एंड रूबेला पार्टनरशिप एक बहु-एजेंसी है, जिसमें अमेरिकन रेड क्रॉस, बीएमजीएफ, जीएवीआई, यूएस सीडीसी, यूएनएफ, यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ शामिल हैं। यह वैश्विक खसरे से होने वाली मौतों को कम करने और रूबेला बीमारी को रोकने के लिए समर्पित हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि यह सम्मान देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के अंतर्गत नियमित टीकाकरण को मजबूत करने के लिए भारत को मान्यता देता है। कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, भारत ने व्यापक प्रयासों से खसरा और रूबेला के मामलों को कम करने और प्रकोप को रोकने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
यह पुरस्कार देश के अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों, नीति निर्माताओं और देश भर के समुदायों के समर्पण और कड़ी मेहनत का एक प्रमाण है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले 12 महीनों में 50 जिलों में लगातार खसरे का कोई मामला नहीं देखा गया है, जबकि 226 जिलों में पिछले कुछ समय से रूबेला के मामले सामने नहीं आए हैं। खसरा और रूबेला वैक्सीन से रोके जाने वाली बीमारियाँ (वीपीडी) हैं और एमआर वैक्सीन 2017 से भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है।

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