गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 27 अक्टूबर से प्रगति मैदान में

नई दिल्ली : एशिया के प्रीमियर डिजिटल टेक्नालॉजी प्रदर्शनी इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के सातवें संस्करण का ‘ ग्लोबल डिजिटल इन्नोवेशन’ थीम पर आयोजन 27 अक्टूबर से राजधानी के प्रगति मैदान में किया जायेगा जिसमें जर्मनी और अमेरिका सहित पांच साझेदार देश होंगे।
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यहां यह घोषणा करते हुये कहा कि इसमें कम से कम पांच साझेदार देश होनी चाहिए और इसका आयोजन पांच दिनों के लिए होनी चाहिए। अभी यह तीन दिन 27 से 29 अक्टूबर तक आयोजित किये जाने की तैयारी है। इसका आयोजन दूरसंचार विभाग और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा आयोजन किया जा रहा है।
वैष्णव ने कहा कि 2022 की आईएमसी बहुत ही सफल साबित हुआ है क्योंकि उसमें 5 जी सेवा लाँच की गयी और अब तक देश में 2.70 लाख से अधिक 5 जी टावर लगाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसको न:न सिर्फ वैश्विक बल्कि प्रीमियर टेक्नालॉजी आयोजन बनाने की जरूरत है। इसको सिर्फ टेलीकॉम तक समिति नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि इसमें ईवी टेक, ड्रोन, साइबर सुरक्षा, डेटा टेक के साथ उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स में होने नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत को टेक्नालॉजी हब बनाने के साथ ही टेलीकॉम विनिर्माता से निर्यात विनिर्माता तक लेकर जाना है। उन्होंने कहा कि दो अरब डॉलर ( 18 हजार करोड़ रुपये) के टेलीकॉम विनिर्माण किया जा चुका है। पूरी मंशा भारत को टेक हाउस बनाना है।
उन्होंने कहा कि आईएमसी में विश्वविद्यालयों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए और इसके लिए आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गांधीनगर जैसे संस्थानों को अपने आसपास के 15 से 20 विश्वविद्यालयों को जोड़ना चाहिए। अब तो ऐसी प्रौद्योगिकी आ चुकी है जिससे इसको डिजिटली प्रदर्शित किया जा सकता है। इस मौके पर संचार राज्य मंत्री देबूसिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह से टेलीकॉम के क्षेत्र में भारत अभी चमक रहा है उसी तरह से आईएमसी को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाना चाहिए।
इससे पहले सीओएआई के अध्यक्ष पी के मित्तल ने कहा कि इसमें एक लाख से अधिक दर्शकों के आने का अनुमान है। इसमें 5000 से अधिक सीएक्सओ स्तर के अधिकारी, 350 से अधिक वक्ता और 400 से अधिक कंपनियां प्रदर्शनी लगायेंगी। इस वर्ष के आयोजन में 6 जी, 5 जी नेटवर्क में उन्नति, दूरसंचार में एआई के बढ़ते उपयोग और अन्य क्षेत्रों जैसे ऐज कंप्यूटिंग, इंडस्अ्रीज 4.0 एवं इंडिया स्टैक के उदभव पर जोर होगा। इसमें स्टार्टअप को गति देने के लिए एस्पायर भी शुरू किया जायेगा जिसमें निवेश जोन, पिचिंग जोन, वर्कशॉप जोन और नेटवर्किंग जोन आदि होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *