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स्पेशल ओलंपिक के लिये 12 जून को रवाना होगी भारतीय टीम

नई दिल्ली : स्पेशल ओलंपिक विश्व ग्रीष्मकालीन खेल 2023 में हिस्सा लेने के लिये 198 खिलाड़ियों की भारतीय टीम 12 जून को जर्मनी के बर्लिन के लिए रवाना होगी। स्पेशल ओलंपिक (एसओ) भारत एक ट्रस्ट हो जिसने सोमवार को इसकी घोषणा की। एसओ भारत ने बताया कि भारतीय जत्थे का विदाई समारोह आठ जून को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जायेगा।

स्पेशल ओलंपिक विश्व खेल दुनिया का सबसे बड़ा समावेशी खेल आयोजन है जो बौद्धिक रूप से अक्षम लोगों की पहचान को बढ़ावा देने वाला एक रंगीन उत्सव होगा। बर्लिन 26 खेलों में भाग लेने के लिये आये 190 देशों के 7000 एथलीटों और एकीकृत भागीदारों का स्वागत करेगा। भारत की ओर से 198 एथलीट एवं एकीकृत भागीदार और 57 कोच 16 खेलों में भाग लेने के लिये बर्लिन पहुंचेंगे।
एसओ भारत के आयोजन भागीदार निलय वर्मा ने बताया कि गुरुवार को होने वाले विदाई समारोह से पहले टॉर्च रन पूरी की जायेगी। एसओ भारत की मशाल पूरे देश से होते हुए दिल्ली पहुंचेगी और इसे नेहरू स्टेडियम के अंदरूनी हिस्से में घुमाया जायेगा। इसके बाद खेल एवं युवा मामले मंत्री अनुराग ठाकुर और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी की उपस्थिति में विदाई समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, बॉलिवुड गायक सोनू निगम और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह उपस्थित रहेंगे।
एसओ भारत की चेयरपर्सन डॉ मल्लिका नड्डा ने संवाददाताओं से कहा, “स्पेशल ओलंपिक भारत बौद्धिक अक्षमताओं वाले एथलीटों के लिये एक राष्ट्रीय खेल महासंघ है। बौद्धिक चुनौतियों वाले एथलीटों को प्रशिक्षित करना और तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, खासकर जब वे बर्लिन में होने वाले आगामी स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों जैसे वैश्विक कार्यक्रमों के लिये प्रतिस्पर्धा करने के लिये यात्रा करते हैं। एसओ भारत खेल तक ही सीमित नहीं है – हम शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के माध्यम से समावेश की दिशा में भी काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आठ जून को विदाई समारोह के साथ हम विशेष एथलीटों को प्रेरित करना चाहते हैं। हम इन एथलीटों को समावेश का साधन और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना चाहते हैं। ऐसा करने के लिये हम राज्यों से हमारे पदक विजेता एथलीटों को बर्लिन से लौटने के बाद उचित पुरस्कार प्रदान करने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायता करने का आग्रह करेंगे। हमारा लक्ष्य (प्रतिभा को) पहचानना, सम्मान करना, स्वीकार करना और उसे (समाज में) शामिल करना है। मैं सभी एथलीटों को आगामी खेलों के लिये शुभकामनाएं देती हूं।”

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