रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 7 मई को इंडिगो के सेवा विमान में एक दिव्यांग बच्चे को नहीं चढ़ने देने के मामले में डीजीसीए की जांच टीम ने इंडिगो के कर्मचारी को प्रथम दृष्टया दोषी माना था और अब इंडिगो एयरलाइंस कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इंडिगो को इस मामले में पक्ष रखने के लिए 26 मई तक का समय दिया गया था और शनिवार को डीजीसीए द्वारा इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीजीसीए की 3 सदस्यीय टीम और इंडिगो के तीन अधिकारियों ने दिव्यांग को विमान पर नहीं चढ़ने देने के मामले में पूछताछ की थी और सबूत जुटाए थे। जांच टीम ने घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला था। इस दौरान डीजीसीए की टीम ने पाया कि इंडिगो के कर्मचारियों ने बोकारो से आये एक दंपती और उनके उनके बच्चे के साथ दुर्व्यवहान किया था और उन्हें प्लेन पर नहीं चढ़ने दिया था। इस मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री मंत्री ज्योतिरात्दिय सिंधिया की ओर से भी नाराजगी जताते हुए कहा गया था कि इस तरह के व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
An Indigo flight directed to Varanasi takes off at the Kamaraj domestic airport during the first day of resuming of domestic flights after the government imposed a nationwide lockdown as a preventive measure against the spread of the COVID-19 coronavirus, in Chennai on May 25, 2020. - Confusion and concern reigned at Indian airports on May 25 as domestic flights tentatively resumed after two months, even as coronavirus cases continued to surge at record rates. (Photo by Arun SANKAR / AFP) (Photo by ARUN SANKAR/AFP via Getty Images)