कोटा : राजस्थान के कोटा में मकर सक्रांति का पर्व आज धूमधाम से मनाया गया।
इस बीच चाइनीज मांझे की बिक्री पर जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद स्वायत शासन संस्थान कोटा नगर निगम सहित पुलिस और अन्य सरकारी महकमें रोक लगा पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं। और बाजार में चाइनीज मांझा की बिक्री-खरीद चरम पर है।
कोटा के परकोटे वाले पुराने हिस्से के मकबरा, घंटाघर, पाटनपोल, कैथूनीपोल, पुरानी सब्जी मंडी सहित परकोटे के बाहर के छावनी-रामचन्द्रपुरा, कोटडी-गोवर्धनपुरा, किशोरपुरा नयापुरा, भीमगंजमंडी, कंसुआ, इंदिरा गांधी नगर, गोविंद नगर, संजय गांधी नगर ही नहीं बल्कि ने शहर के हिस्से दादाबाड़ी, विज्ञान नगर, केशवपुरा, अनंतपुरा आदि में भी व्यापक पैमाने पर चाइनीज मांझे की खुले आम बिक्री होती रही है जो आज भी जारी रही।
जिला मजिस्ट्रेट ओपी बुनकर ने प्रतिबंधित चाइनीस मांझे की बिक्री पर रोक के आदेश पर कड़ाई के लिए पिछले दिनों एक बैठक की थी और इसमें चाइनीज मांझे के विपणन-उपयोग पर सख्ती से रोक के दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन इस आदेश पर अमल की मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाले दोनों नगर निगमों के अधिकारियों पर कोई असर हुआ हो, ऐसा प्रतीत नहीं होता।
नगर निगम के अधिकारियों ने यह तो सूचना जारी ही जारी की है कि चाइनीस मांझे की बिक्री की जानकारी मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी लेकिन बीते दिनों में कहां-कहां कार्यवाही कर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया गया, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई सूचना नहीं दी गई है।
स्थिति यह है कि अब तो कई जगह पर प्रशासनिक ढिलाई की वजह से खुलेआम चाइनीस मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है। यह दीगर बात है कि सरकारी प्रतिबंधों के चलते अब इसकी भी कालाबाजारी भी होने लगी है और इसका एक गिट्टा 500 से 700 रुपए में मिल पा रहा है।
चाइनीज मांझे की धड़ल्ले से बिक्री
