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औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर घटकर 1.1 प्रतिशत रह गयी

नई दिल्ली : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर मार्च 2023 में धीमी पड़ कर सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत रही। इस वर्ष फरवरी में औद्योगिक उत्पादन पिछले वर्ष फरवरी की तुलना में 5.6 प्रतिशत बढ़ा था। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में खनन क्षेत्र का उत्पादन साल-दर-साल 6.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि इस अवधि के दौरान विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि मात्र 0.5 प्रतिशत रही। मार्च में बिजली उत्पादन में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के निदेशक (अनुसंधान) विवेक राठी ने कहा, “औद्योगिक वृद्धि में नरमी मुख्य रूप से विनिर्माण उत्पादन में वृद्धि में कमी के कारण है। पूंजी और बुनियादी ढांचे/निर्माण क्षेत्र के उत्पादन में हालांकि वृद्धि ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है। ” राठी ने कहा कि घरेलू खपत में सुधार के संकेत अभी भी असमान हैं, क्योंकि टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में अभी तेजी आना बाकी है।
इससे पहले जारी आंकड़ों में मार्च 2023 में आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त उत्पादन की वृद्धि दर साल-दर-साल 3.6 प्रतिशत रही जो पांच महीने के निचले स्तर पर आ गयी थी। आईआईपी में इन आठ उद्योगों का अंशदान 40.27 प्रतिशत है। मिलवुड केन इंटरनेशनल के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नीश भट्ट ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन में गिरावट चिंता का कारण है। आईआईपी 1.1 प्रतिशत पर बाजार की उम्मीद से काफी नीचे रहा। उन्होंने कहा कि खासकर गर्मियों के महीनों में बिजली की मांग में गिरावट एक बड़ा नकारात्मक संकेत है।

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