भुवनेश्वर : नवीन पटनायक ने शुक्रवार को कहा कि नवाचार एवं प्रौद्योगिकी लैंगिक असमानता को दूर कर सकते हैं और समाज में बदलाव ला सकते हैं। पटनायक ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी ने हमें समाज में लैंगिक असमानता को दूर करने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा, “नवाचार एवं प्रौद्योगिकी लैंगिक असमानता को दूर कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नवाचार एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की जा सकती है और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोका जा सकता है
मौजूदा समय में जीवन में अपने संघर्ष को जारी रखने वाली और अपने लिए एक मुकाम हासिल करने वाली करोड़ों महिलाओं के सम्मान में यह दिन समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने नवाचार एवं प्रौद्योगिकी के अधिक से अधिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया और महिलाओं को सभी क्षेत्रों में समान अधिकार देने और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और कौशल से समाज में अपना विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने साबित कर दिया है कि लड़की अब बोझ नहीं बल्कि परिवार के लिए एक संपत्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि आज की हकीकत है। उन्होंने ओडिशा की महिलाओं की मिसाल देते हुए कहा महिलाएं परिवर्तन की अगुवा बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की 70 लाख श्रमिक महिला सदस्य सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमी बन गई हैं और महिलाओं ने उद्यमी बनने की अपनी यात्रा भी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के युवा शुभंकर कुनी का शुभारंभ किया। शुभंकर युवाओं में उनकी शिक्षा, अधिकारों और अन्य क्षेत्रों में जागरूकता पैदा करने के लिए काम करेगा।
इस अवसर पर नई बाल नीति ‘प्रारंभ’ का भी अनावरण किया गया। महिलाओं की सफलता की कहानी पर आधारित एक केस स्टडी बुकलेट, आशीर्वाद योजना के एमआईएस पोर्टल और वन स्टॉप सेंटर का भी मुख्यमंत्री ने अनावरण किया।
नवाचार, प्रौद्योगिकी दूर करेगी लैंगिक असमानता
