शिमला : हिमाचल प्रदेश में सरकार ने गैरकानूनी तरीके से पानी के स्रोतों के आस-पास खनन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए है।
हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी संपत्ति को खनन से नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में पानी के स्रोतों को खत्म किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आय के स्रोतों बढ़ाने पर काम कर रही है। जल्द ही पावर प्रोजेक्ट पर वाटर सेंस लगाने का काम किया जायेगा।
सीमेंट फैक्ट्री विवाद को लेकर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग का कार्य किराया तय करना होता है, और उस पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री इस पूरे मामले को देख रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने ट्रक ऑपरेटरों से ट्रक भाड़े की अंतिम दरें राज्य सरकार को प्रदान करने का आग्रह किया ताकि इस मामले को संबंधित कंपनी के साथ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ट्रक ऑपरेटरों के साथ है और उनका शोषण सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों लोगों की आजीविका सीमेंट फैक्ट्रियों और अन्य गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं, इसलिए प्रदेश सरकार इस मामले का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिमाचल में अवैध खनन पर कार्रवाई के निर्देश
