मुंबई : महंगाई को काबू में करने के लिए दुनिया भर में ब्याज दर में हो रही बढ़ोतरी के दबाव में वैश्विक बाजार में जारी गिरावट से सहमे निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन भी कोहराम जारी रहा और सेंसेक्स-निफ्टी डेढ़ प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 953.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर 58 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे और करीब एक माह के निचले स्तर 57145.22 अंक पर आ गया। इससे पूर्व यह 29 अगस्त को 57972.62 अंक पर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 311.05 अंक अर्थात 1.8 प्रतिशत लुढ़ककर 17016.30 अंक पर रहा।
दिग्गज कंपनियों की तरह बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों में भी जबरदस्त बिकवाली हुई, जिससे मिडकैप 2.84 प्रतिशत टूटकर 24,552.76 अंक और स्मॉलकैप 3.33 फीसदी लुढ़ककर 27,853.67 अंक पर रहा। इस दौरान बीएसई में कुल 3707 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2925 में गिरावट जबकि 660 में तेजी रही वहीं 122 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 41 कंपनियां लाल जबकि शेष नौ हरे निशान पर रही।
बेकाबू महंगाई पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, स्वीडन और नॉर्वे में ब्याज दर में हुई बढ़ोतरी का अनुसरण करते हुए रिजर्व बैंक का भी 28-30 सितंबर को प्रस्तावित द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में एक बार फिर से बढ़ोतरी किये जाने की संभावना है। साथ ही रुपये के अबतक के रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़कने का दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार जारी बिकवाली के रूप में देखा जा सकता है। पिछले सप्ताह एफआईआई ने घरेलू शेयर बाजार से 4361.77 करोड़ रुपये निकाल लिए। इसका असर बाजार में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है।
इससे बीएसई के सभी 19 समूहों में बिकवाली हुई। इस दौरान कमोडिटीज 3.32, सीडी 2.60, ऊर्जा 3.17, एफएमसीजी 2.15, वित्तीय सेवाएं 2.40, हेल्थकेयर 1.41, इंडस्ट्रियल्स 2.58, दूरसंचार 2.97, यूटिलिटीज 3.72, ऑटो 3.86, बैंकिंग 2.29, कैपिटल गुड्स 2.09, धातु 4.50, तेल एवं गैस 3.10, पावर 3.71 और रियल्टी समूह के शेयर 4.29 प्रतिशत टूटे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गिरावट का रुख रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.83, जर्मनी का डैक्स 0.46, जापान का निक्केई 2.66, हांगकांग का हैंगसेंग 0.44 और चीन के शंघाई कंपोजिट ने 1.20 प्रतिशत का गोता लगाया।
ऊंची ब्याज दर से सहमे निवेशक, सेंसेक्स-निफ्टी डेढ़ फीसद से अधिक लुढ़के
