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आईएसआई की साजिश नाकाम

केएलएफ माड्यूल के पांच गुर्गे गिरफ्तार

चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस ने विदेश-आधारित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केऐलऐफ) के पाँच गुर्गों को गिरफ़्तार करके स्वतंत्रता दिवस से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई एस आई की सरहदी राज्य की शांति और सदभावना को भंग करने की साजिश को नाकाम कर दिया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को बताया कि यह सूचना मिलने पर कि विदेश आधारित कुछ आतंकवादी तत्वों ने राज्य की शान्ति और सद्भावना को भंग करने के लिए जेलों में बंद अपराधियों द्वारा अपने गिरोह में सदस्यों को शामिल करके माड्यूल तैयार किया है, जो अल्पसंख्यकों के नेताओं, पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रमुख शख़्सियतों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं, तो एस ए एस नगर के स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (ऐसऐसओसी) ने तुरंत केस दर्ज करके विशेष आपरेशन शुरू कर दिया।
श्री यादव ने बताया कि लगभग दो हफ़्तों तक चले आपरेशन, जिसमें सूझबूझ से ख़ुफ़िया जानकारी इकट्ठी करने, तकनीकी विश्लेषण और तेज़ी के साथ कार्यवाही के चलते पंजाब पुलिस को इस नापाक साजिश में शामिल आतंकवादी माड्यूल के पाँच गुर्गों को गिरफ़्तार करने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि जांच से पता लगा है कि इस नये बने माड्यूल के सम्बन्ध उन विदेशी हैंडलरों के साथ जुड़े होने के बारे पता चला है, जिन्होंने 24 जून, 2023 को बटाला में राजीव महाजन को निशाना बनाया था और वह राज्य में सुनियोजित कत्ल की अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देने के लिए इन गुर्गों द्वारा इस अलग माड्यूल को चला रहे थे।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि के एल एफ के गुर्गे फ़र्ज़ी नाम रणजोध सिंह का प्रयोग करके भारत में नौजवानों की पहचान कर रहे हैं और जेल में बंद अपराधियों के द्वारा गिरोह में मेंबर भर्ती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिर वह सोशल मीडिया का प्रयोग करके ऐसे नौजवानों को भ्रमित करते हैं और राज्य में सुनियोजित कत्ल की घटनाआें को अंजाम देने के लिए उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करते हैं।
डीजीपी ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब पुलिस राज्य में अमन-शांति और भाईचारक सांझ को कायम रखने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और देश विरोधी तत्वों के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जायेगा।
इस कार्यवाही के बारे और जानकारी देते हुये एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर अश्वनी कपूर ने बताया कि यह पता लगा है कि केएलएफ के विदेश आधारित हैंडलरों ने माड्यूल के सदस्यों को निशाना बनाये जाने वाले व्यक्तियों की सूची प्रदान की थी और उन्होंने पहले ही कुछ व्यक्तियों की रेकी भी की हुई थी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्धी आगे जांच जारी है।
इस सम्बन्ध में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 153, 153-ए और 120-बी, आर्म्स एक्ट की धारा 25 (7) और 25 और अवैध गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट ( यू. ए. पी. ए.) की धारा 18 और 20 के अंतर्गत थाना एसएससओसी एसएएस नगर में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।

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