चेन्नई : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में आगामी चंद्रयान-3 मिशन के विज्ञान और डेटा विश्लेषण पहलुओं पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का आयोजन बेंगलुरु के पास स्थित गांव ब्यालालू भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा सेंटर (आईएसएसडीसी) में किया गया। इसरो ने कहा कि कार्यशाला में चंद्रयान-3 मिशन, डेटा अभिलेखीय और प्रसार पहलुओं और चंद्रयान-3 पर वैज्ञानिक प्रयोगों के संदर्भ में भारतीय चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम पर व्याख्यान दिए गए।
यह कार्यशाला इसरो/डीओएस के वैज्ञानिकों के साथ शिक्षाविदों और संस्थानों के प्रतिभागियों के बीच एक समर्पित बातचीत सत्र पर आयोजित थी। कार्यशाला में अंतरिक्ष विभाग के बाहर के 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें विश्वविद्यालयों और संस्थानों के 24 संकाय और वरिष्ठ विद्यार्थी शामिल थे। ये सभी चंद्र डेटा का उपयोग करेंगे। कार्यशाला में डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (डीओएस) के बाहर कुल 33 भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया गया।
इसरो और डीओएस के लगभग 20 वैज्ञानिकों ने विज्ञान पेलोड पर प्रस्तुतियां दीं और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए। इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान अन्वेषण कार्यक्रम की विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (इस्ट्रैक) के निदेशक बी. एन. रामकृष्ण ने मिशन के महत्व और भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डाटा सेंटर (आईएसएसडीसी) में होस्ट किए गए, भारतीय वैज्ञानिक मिशनों के वैज्ञानिक डेटा के बारे में बात की। जिसका वैज्ञानिक उपयोग कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया कि यह समझाया गया कि कैसे इन-सीटू डेटा का विश्लेषण किया जाए।
इसरो ने चंद्रयान-3 पर कार्यशाला का किया आयोजन
