श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) : भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने व्यस्त प्रक्षेपण कार्यक्रम की तैयारी कर रहा है। इसमें प्रतिष्ठित सन मिशन आदित्य-एल1 सहित विभिन्न प्रकार के मिशन शामिल हैं। इसरो के अध्यक्ष डॉ एस सोमनाथ ने पीएसएलवी-सी54/ईओएस-06 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नेविगेशन और वाणिज्यिक मिशन सहित विभिन्न उपग्रह, इसके सभी प्रेक्षपण वाहनों पीएसएलवी , जीएसएलसी, एवीएम-3 (जीएसएलसी एमके111 एसएसएलवी का उपयोग करके प्रेक्षपित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दूसरा एसएसएलवी मिशन-पहली उड़ान असफल साबित हुई। उसे आवश्यक सुधारों के साथ जल्द प्रेक्षपित किया जाएगा। डा़ॅ सोमनाथ ने सन मिशन के बारे में कहा कि इसरो के भरोसेमंद प्रेक्षपण वाहन पीएसएलवी का इस्तेमाल करते हुए अगले साल के लिए इसकी योजना बनाई गई थी।
इसरो ने यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर के वरिष्ठ सौर वैज्ञानिक डॉ. शंकरसुब्रमण्यम को के. आदित्य-एल1 मिशन के प्रधान वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त किया है। आदित्य-एल1 भारत का पहला वेधशाला-श्रेणी का अंतरिक्ष-आधारित सौर मिशन है। डॉ. शंकरसुब्रमण्यन आदित्य-एल1 पर मौजूद एक्स-रे पेलोड में से एक के प्रधान अन्वेषक भी हैं।
इसरो व्यस्त प्रक्षेपण कार्यक्रम की तैयारी में
