विजयवाड़ा : वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को 2023-24 के लिए वाईएसआर लॉ नेस्टम की पहली किश्त 6,12,65,000 रुपये जारी किए जिससे 2677 कनिष्ठ अधिवक्ताओं को फायदा प्राप्त होगा। रेड्डी ने यहां कैंप कार्यालय में एक बटन दबाकर वर्चुअल रूप से राशि जारी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वाईएसआर लॉ नेस्टम का उद्देश्य अधिवक्ता के रूप में एनरोलमेंट होने के बाद शुरुआती तीन वर्षों के लिए कनिष्ठ अधिवक्ताओं को उनके पेशे में जमने में सहायता प्रदान करना है। फरवरी 2023 से पांच महीने की अवधि को कवर करने के लिए सभी के खाते में एकमुश्त 25,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक में स्थानांतरित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जो कनिष्ठ अधिवक्ताओं की सहायता के लिए लॉ नेस्टम को लागू कर रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सरकार तीन वर्षों के लिए उन्हें किस्तों में प्रतिवर्ष 60,000 रुपये की वृति प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि इसका लाभ उठाने वाले कनिष्ठ अधिवक्ता अपनी प्रैक्टिस के दौरान गरीबों की मदद करें और उम्मीद है कि वे गरीब लोगों को अपना बेहतर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक 5781 कनिष्ठ अधिवक्ताओं को इस योजना के अंतर्गत 41.52 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। सरकार ने उनकी मदद के लिए 100 करोड़ रुपये के साथ अधिवक्ता कल्याण ट्रस्ट की स्थापना की है।
पिछले चार वर्षों में, ट्रस्ट ने ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसियों और ऋण सुविधाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। योजना के अंतर्गत सहायता मांगने वाले कनिष्ठ अधिवक्ता विधि सचिव से संपर्क कर सकते हैं। योजना से लाभान्वित होने वाले कई जिलों के कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से वर्चुअल रूप में बातचीत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. केएस जवाहर रेड्डी, विधि सचिव जी. प्रभाकर, विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता भी उपस्थित रहे।
जगनमोहन ने लॉ नेस्टम फंड जारी किया
