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गीता प्रेस को पुरस्कार देने पर भड़के जयराम

नई दिल्ली : जयराम रमेश ने हिंदू धर्म ग्रंथों पर करोड़ों पुस्तकों के प्रकाशक गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार देने का विरोध करते हुए इस पर तीखी टिप्पणी की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सरकार के गीता प्रेस को यह पुरस्कार देने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस को 1921 का गांधी शांति पुरस्कार देना विनायक दामोदर सावरकर और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सम्मानित करने जैसे है।
इससे पहले सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुरस्कार के तहत एक करोड़ रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। गीता प्रेस ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए इसके तहत दी जाने वाली राशि लेने से इनकार करते हुए कहा है कि संस्था किसी से आर्थिक मदद नहीं लेती है। गीता प्रेस की 1923 में कई गयी थी और अब तक वह 14 भाषाओं में 141 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित की है जिनमें 16 करोड़ भगवत गीता की पुस्तकें शामिल हैं।

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