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जवाहरलाल दर्डा हरदिल अजीज थे: अठावले

नई दिल्ली : रामदास अठावले ने सोमवार को कहा कि स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री दिवंगत जवाहरलाल दर्डा ने सदैव सभी लोगों को न्याय देने के लिये संघर्ष किया। अठावले राजधानी में लोकमत समाचार पत्र समूह के संस्थापक स्वर्गीय दर्डा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर लिखी गयी पुस्तक ‘जवाहर: स्वराज सुराज …. और सपनों की कहानी’ के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह पुस्तक मूलत: मराठी में अपर्णा वेलणर द्वारा लिखी गयी है और इसका हिन्दी भाषान्तरण किरण मोघे ने किया। इसका प्रकाशन लोकमत ने किया है।
कार्यक्रम को केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य सत्यपाल सिंह बघेल , लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी संबोधित किया। अठावले ने कहा कि वह गरीबों और दलितों को उनका हक और न्याय दिलाने के लिये सदैव तत्पर रहते थे और बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के घोर प्रशंसक थे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में खुद उनको (श्री अठावले) दलित आंदोलन चलाने थे तो दर्डा जी से मदद मिलती थी।
इस अवसर पर श्री बघेल ने कहा कि जवाहरलाल दर्डा जाति, धर्म ,क्षेत्र और वर्ग का भेद किये बिना सभी के साथ समान व्यवहार करते थे। उन्होंने कहा, “ हमें उनके जैसे स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और राजनेता का सम्मान करते हुये उनके दिखाये रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिये। ” चौधरी ने इस मौके पर कहा कि दर्डा जी सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को स्नेह करते थे। वह महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ सभी धर्म के लोगों को साथ लेकर चलते थे। हर राजनीतिक दल में उनके मित्र थे।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष श्री आजाद ने कहा कि जवाहरलाल दर्डा सभी धर्मों को मानते थे। वह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से बेहतर संबंध रखते थे लेकिन अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते थे।
श्री आजाद ने कहा कि दर्डा जी सहज विश्वासी थे और दूसरे भी उन पर विश्वास करते थे। वह कांग्रेस से जुड़े थे लेकिन अपने अखबार लोकमत की निष्पक्षता को उन्होंने हमेशा बनाये रखा तथा अखबार की संपादकीय टीम को पूरी आजादी दे रखी थी।
इस पुस्तक के प्रथम आवरण पृष्ठ के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभकामना संदेश प्रकाशित किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने स्वर्गीय दर्डा के बारे में अपना एक संक्षिपत संस्मरण लिखा है जिसका शीर्षक है एक स्नेह भरा स्मरण। पुस्तक में मोदी , लालकृष्ण आडवाणी, शिवराज पाटिल, राजनाथ सिंह, अमित शाह, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे के उद्गार प्रकाशित किये गये हैं।

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