नई दिल्ली : रेल, सड़क, और समुद्री परिवहन को समाधान प्रदान करने वाली कंपनी ज्यूपिटर वैगन लिमिटेड ने 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में 636 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 134 करोड़ रुपये की तुलना में 374 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद आज जारी वित्तीय लेखाजोखा में कहा कि इस तिमाही उसकी कुल 7554 करोड़ रुपये रही है जबकि जून 2022 की तिमाही में यह राशि 2965 करोड़ रुपये रही थी। इस तरह से राजस्व में 155 प्रतिशत की बढोतरी हुयी है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक विवेक लोहिया ने कहा कि पहली तिमाही में कई रोमांचक विकास के साथ कंपनी का व्यापार संचारण मजबूत रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी स्टोन इंडिया के लिए बोली को एनसीएलटी की अनुमति मिल चुकी है। इस संस्था को समूह में जोड़ने से कई समानताएं हैं और जल्दी ही संचालन संचारण को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा।
रिट्स लिमिटेड के साथ दीर्घकालिक करार के बाद जिम्बाब्वे और मोजाम्बिक में वैश्विक निविदाओं में कंपनी ने भाग लिया है। कंपनी को वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग के लिए पहला आदेश मिल चुका है और जल्द ही उत्पादन शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस तिमाही में ब्रेक डिस्क असेंबलियों की डिलिवरी शुरू हो गयी है।
