महोबा : बुंदेलखंड की वीरभूमि महोबा में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक कजली मेले की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि मेले को सकुशल शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए गए है। जिले में उपलब्ध पुलिस जवानों के अतिरिक्त बाहर से भी फोर्स मंगा कर उसे तैनात किया जाएगा। मेला स्थल में छह वाच टावर स्थापित किये जायेंगे। जहां तैनात पुलिस कर्मी हर तरफ कड़ी नजर रखेंगे। खुफिया तंत्र को मेले में चप्पे.चप्पे पर लगा कर कड़ी निगरानी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि मेला परिसर में पुलिस थाना व तीन अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की जा रही है। जहां से पुलिस व्यवस्थाओं को संचालित किया जाएगा। मेले की शुरुआत में आयोजित होने वाली शोभायात्रा और कजली विसर्जन की रस्म के निर्वहन के लिए उमड़ने वाली भीड़ सुरक्षा प्रबंधों को बनाये रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। पुलिस बल को इसके लिये पूर्व के अनुभवों के आधार पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। जवानों को इस बात के खास निर्देश दिए गए है कि वे मित्र पुलिस की भूमिका को निभाएं ताकि मेलार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कजली मेले के मद्देनजर पुलिस का विशेष सेल गठित किया गया है जो 24 घण्टे सक्रिय रहेगा।
उल्लेखनीय है कि महोबा में विख्यात कजली मेले का आयोजन बीते 842 वर्षो से परम्परागत रूप से होता आ रहा है। देश. दुनिया मे विख्यात वीर योद्धाओं आल्हा.ऊदल की स्मृतियों को जीवंत करने वाले मेले में प्रतिवर्ष लाखों की भीड़ उमड़ती है। कजली मेले के आयोजन का दायित्व अभी तक नगर पालिका परिषद द्वारा किया जाता रहा है। लेकिन वर्ष 1995 में जिला सृजन के उपरांत से महोबा संरक्षण एवं विकास समिति की भी इसमे अहम भागीदारी हुई है।
पूर्व में यह तीन दिनों तक अलग.अलग स्थान पर आयोजित होता था। स्थानीय लोक संस्कृति व लोक कलाओंएआम जन से जुड़ी विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता ओंएविकास प्रदर्शनीएगोष्ठियोंए और सांस्कृतिक कार्यक्रमो से सुसज्जित होने वाले महोबा के कजली मेले को इस वर्ष पंद्रह दिवसीय किया गया है। अबकी मेला आगामी 31 अगस्त से आरम्भ हो रहा है। जिसे लेकर तैयारियां जोर.शोर से की जा रही है।
