श्रीनगर : नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने बुधवार को कहा कि कश्मीरी पंडित कश्मीरी संस्कृति और समाज का हिस्सा हैं। नेकां के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने आज जोर देकर कहा कि कश्मीरी पंडित कश्मीर संस्कृति का हिस्सा हैं और उनके बिना कश्मीरी समाज अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा, “हम सदियों से एक साथ रह रहे हैं और यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम अपने पंडित भाइयों के साथ खड़े रहें।”
उन्होंने कहा कि कश्मीर में हर कोई चाहता है कि वे (कश्मीरी पंडित) वापस आएं और पहले की तरह उनके साथ रहें। उन्होंने कहा, “कश्मीर उनका उतना ही है, जितना अन्य समुदायों का है। वे हमारे अपने हैं। हमारे बीच पंडितों के बिना कश्मीर का विचार ही अधूरा है। उम्मीद है कि एक दिन आएगा जब वे लौटेंगे और अपने मुस्लिम भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि नेकां उनकी वापसी के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम उनके रोजगार और आवास के लिए प्रयास करना जारी रखेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में रहने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
संस्कृति और समाज का हिस्सा हैं कश्मीरी पंडित
