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खादी माटी कला महोत्सव एक बहुआयामी विचार

अहमदाबाद : अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद में कहा कि खादी माटी कला महोत्सव एक बहुआयामी विचार है। शाह ने आज यहां माटी कला महोत्सव को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि खादी माटी कला महोत्सव एक बहुआयामी विचार है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगे बढ़ाया है। खादी के विचार को सबसे पहले महात्मा गांधी ने आज़ादी के आंदोलन के साथ जोड़कर सबके सामने रखा और इसके माध्यम से बापू ने गरीबी में जीते हुए सभी लोगों को खादी के माध्यम से रोज़गार के साथ जोड़ने का काम किया। इसके साथ ही गांधी जी ने विदेशी कपड़ों की मांग को कम कर स्वदेशी और स्वराज की भावना जागृत कर उसे गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि आज भी खादी का विचार बहुआयामी और बहुद्देश्यीय है। मोदी ने खादी के विचार को ना सिर्फ पुनर्जीवित किया है बल्कि इसे आगे बढ़ाकर और आम लोगों के बीच पहुंचाकर खादी को लोकप्रिय बनाने का काम किया है। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे और भानुप्रताप सिंह वर्मा सहित अऩेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल के नारे में स्वदेशी और रोज़ग़ार को जोड़ने का काम किया है। उनकी दूरदर्शिता के कारण ही खादी का जर्जर हो चुका आंदोलन आज नए आयामों को छू रहा है। उनके नेतृत्व में भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली इकॉनमी बना है।
शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश का आर्थिक विकास तो हो ही रहा है, इसके साथ ही अर्थतंत्र को सर्वसमावेशक बनाने के लिए भी प्रधानमंत्री ने कई कदम उठाए हैं। खादी के टर्नओवर को तीन गुना करने का अर्थ है लाखो-करोड़ों लोगों को रोज़ग़ार देना और जब करोड़ों लोग आत्मनिर्भर बनते हैं तब बढ़ने वाला जीडीपी का आंकड़ा मानवीय हो जाता है। इससे करोड़ों लोगों के जीवन में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सुख भी आता है।
उन्होंने कहा कि आज इस खादी माटी कला महोत्सव में 300 इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील्स, 40 एग्रो-बेस्ड फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री टूल किट, 40 बहनों को अगरबत्ती बनाने की मशीनें, 20 प्लम्बिंग किट और 200 से अधिक पारंपरिक चरखे दिए गए हैं। अमित शाह ने कहा कि आज एक सेन्ट्रल सिल्वर प्लांट (सीएसपी) का उद्घाटन हुआ है जो खादी के उत्पादन के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि 30 साल पहले बने इस सीएसपी को 10 करोड़ रूपए की लागत से मॉडर्नाइज़ किया गया है, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, गुणवत्ता सुधरेगी और खादी कातने वाले लोगों का सारा मैटीरियल इस्तेमाल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज यहां आठ नवनिर्मित डाक घरों का भी ऑनलाइन उद्घाटन हुआ है जहां मेल, पार्सल बुकिंग, आधार सेवाएं, बैंकिंग डाक सेवाएं, जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और पेंशन भोगियों के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि अब गांधीनगर क्षेत्र के सभी लोगों को पासपोर्ट लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, अब उनके नज़दीक के डाकघर से अर्जी प्रोसेस करा सकते हैं। गांधीनगर क्षेत्र में इन्‍हीं डाकघरों ने 53,000 राष्‍ट्रीय ध्‍वज हर घर तिरंगा अभियान के तहत भेजे थे।

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