नई दिल्ली : मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि वह बहुमत के दम पर मनमानी कर रही है लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने प्रचंड बहुमत के बावजूद लोकतंत्र तथा संविधान के प्रति अपनी जवाबदेही को सर्वोपरि रखा। खडगे ने रविवार को यहां राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सद्भावना पुरस्कार पाने के लिए वनस्थली यूनिवर्सिटी को बधाई दी और कहां की जो काम राजीव गांधी जी की अगुवाई में हुए थे वह हमेशा मिसाल बने रहेंगे।
उन्होंने कहा,“आजकल कई लोग राजीव जी की उपलब्धियों को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं लेकिन सच यह है कि उन्होंने देश के लिए जो काम किये है उनको कोई नकार नही सकता है।” भगवान बुद्ध के संदेश को उद्धृत करते हुए उन्होंने राजीव गांधी सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों की सराहना करते उन्होंने कहा,‘‘भगवान बुद्ध कहते थे- 3 चीजें ज्यादा देर तक छिप नहीं सकतीं… सूर्य, चंद्रमा और सत्य। उसी तरह राजीव जी की सफलताओं को छिपाया नहीं जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि जब देश बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा था, तब राजीव गांधी ने संचार क्रांति की ताकत को समझ लिया था। उस दौर में राजनीतिक दल इस बारे में सोचना तो दूर इस सोच का विरोध करते थे।आज इसका लाभ समाज के हर हिस्से को मिल रहा है और भारत एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर आया है। इसी तरह उन्होंने दल बदल रोकने के लिए कानून बनाया जिससे भारतीय राजनीति में लंबे समय तक स्थिरता बनी रही लेकिन आज जिस तरह जनमत के साथ खिलवाड़ हो रहा है उसे देखते हुए इस कानून में और भी बदलाव करने की जरूरत है।
खड़गे ने कहा,“आदिवासियों के बीच जाकर राजीव गांधी जी उनकी समस्याओं को देखा और जमीनी हालात के अनुसार योजनाएं बनाई। वे हर तरह की सांप्रदायिकता के खिलाफ थे। जब आंध्र प्रदेश में दंगे हुए तो उन्होंने अपने मुख्यमंत्री को नैतिक तौर पर इस्तीफा देने के लिए कहा था। उन्होंने ही यूनिवर्सल टीकाकरण की शुरुआत की थी। कई तरह के टीकों ने लाखों लोगों को नया जीवन दिया था। गंगा सफाई के लिए गंगा कार्य योजना की शुरुआत की थी।
राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक कानून बनाया, जिन्हें आज कमजोर किया जा रहा है। वह दुनिया के किसी भी हिस्से में दमन के खिलाफ खड़े रहते थे। उन्होंने दुनिया के तमाम देशों को बिना प्रचार के मानवीय सहायता दी थी।” कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा,“ देश सेवा के लिए मिले कम समय में भी राजीव गांधी ने अनगिनत उपलब्धियां हासिल की थी। वे भारत में मौजूद बहुरूपता की सुरक्षा और संरक्षण के समर्थक थे।
वे इस बात को लेकर बेहद संवेदनशील थे कि धार्मिक, जातीय, भाषाओं व संस्कृति का जश्न मनाकर ही भारत की एकता को मजबूत किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि राजीव गांधी महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे। राजीव जी ने पंचायतों व नगर पालिकाओं में महिलाओं के एक-तिहाई आरक्षण के लिए संघर्ष किया था। साल 1989 के संसदीय चुनावों में ही पहली बार 18 साल के युवाओं को वोट का अधिकार दिया गया था, जिनमें आधी महिलाएं थीं।”
