अजमेर : राजस्थान में ब्यावर जिले में किसान महापंचायत की ओर से आगामी 11 मार्च को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एनएसपी) की मांग को लेकर जयपुर कूच करने की घोषणा की गई है। ब्यावर में सोमवार को किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट एवं अजमेर जिले के महामंत्री रामेश्वर कटसूरा ने पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार कृषि उपज मंडी कानून में संशोधन कर एनएसपी से ही बोली आरंभ कर कम दामों पर क्रय विक्रय को रोकने के लिए कानून बना सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार यह काम नहीं कर पाई तो आगामी 11 मार्च को ट्रैक्टरों से जयपुर. दिल्ली कूच किया जायेगा। इस मौके पर श्री जाट ने सेवानिवृत पटवारी चन्द्रप्रकाश चैहान को ब्यावर जिले का अध्यक्ष मनोनित कर इस अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने बताया कि एनएसपी पर खरीद की गारंटी के कानून के लिए वर्ष 2010 से दूदू से आरंभ हुआ। आंदोलन देशव्यापी ज्वलंत मुद्दा है सामान्यतः पंजाब में धान एवं गेहूं की खरीद कुल उत्पादन की खरीद 75 प्रतिशत से अधिक होती है। उसके उपरांत भी पंजाब के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के कानून के लिए सड़क पर संघर्षरत है।
श्री जाट ने बताया कि यह किसानों का संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार ने तानाशाही ढंग से इसे रोकने का प्रयास किया तो राजस्थान मैं गांव बंद का आवाहन किया जाएगा। जिसमें राजस्थान के 45000 गांव भागीदारी निभाएंगे। उसी दिन आपातकालीन स्थिति को छोड़कर कोई भी किसान गांव से बाहर यात्रा नहीं करेगा जिसे दूध सब्जी या अनाज की आवश्यकता है वह गांव में जाकर खरीद कर ले जा सकता है। इस कार्य में सभी किसान हितैषी राष्ट्रभक्त किसानों के प्रतिनिधि एवं संगठनों का सक्रिय होकर सफल बनाने के लिए पूरे मनोयोग से जुटने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान कृषि उपज मंडी 1961 एवं राजस्थान कृषि उपज मंडी 1963 में संशोधन के द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामो में क्रय.विक्रय को रोकने के लिए मंडियों में नीलामी बोली न्यूनतम समर्थन मूल्य से आरम्भ कर किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्राप्ति की सुनिश्चित्ता के लिए राजस्थान राज्य कानून बना सकता है।
किसान महापंचायत की 11 मार्च को जयपुर कूच करने की घोषणा
