भोपाल : शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रिपरिषद् के सदस्यों से कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है और इन मामलों में कार्रवाई को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। चौहान ने कहा कि करप्शन पर जीरो टॉरलेंस है। उसका एक उदाहरण कल का ही है, जब एक प्रथम श्रेणी अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। बिना किसी विलंब के कठोरतम कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सामने एक मामला और आया था। राजगढ़ जिले की घटना थी। उस पर भी लोगों को हटाया गया है। भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई पर कहीं भी कोई कसर न छोड़े।
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि किसी के भी विभाग में जरा भी लगे, तुरंत कठोरतम कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सूचित करने के विषय हों, तो उन्हें सूचित किया जाए। प्रदेश में कुछ समय पहले फोन पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने संबंधी ऑडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आए उच्च शिक्षा विभाग में पदस्थ प्रथम श्रेणी अधिकारी (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) संजय जैन को कल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार जैन को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है। चौहान ने अनुकंपा नियुक्ति मामले में भ्रष्टाचार और रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद जैन को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे। उनके निलंबन के बाद दो माह में विभागीय जांच प्रक्रिया पूरी हो गयी और जांच के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
भ्रष्टाचार के मामले में कसर नहीं छोड़ें
