काकीनाडा : आंध्र प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने संबंधी राज्य सरकार के फैसले के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में वामपंथी दलों के समर्थकों ने यहां कोलयी चेरुवु केंद्र में उप अभियंता विद्युत कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपभोक्ताओं पर विभिन्न श्रेणियों में लगाए गए अतिरिक्त बिजली शुल्क को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए और वर्ष 2000 के बिजली आंदोलन की तर्ज पर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी।
वाम नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें कॉरपोरेट कंपनियों के फायदा पहुंचाने के लिए उनके इशारे पर काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं पर समायोजन शुल्क, बिजली शुल्क आदि के रूप में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ डाल रही है। अगर इस अतिरिक्त बोझ को समाप्त नहीं किया गया तो सरकार को आगामी चुनावों में लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा के जिला संयोजक एम. राजशेखर, सीपीआई के जिला सचिव के. बोडाकोंडा, भाकपा-माले लिबरेशन जिला सचिव येनुगुपति अर्जुनराव, भाकपा-माले न्यू डेमोक्रेसी जिला नेता जे. वेंकटेश्वरलू, आरपीआई राज्य नेता रामेस्वरराव, माकपा नेता दुव्वा शेषु बाबजी , पालीवेला वीरबाबू, सी. रमानी, के. सथिराजू, सी. राजकुमार, के. वीराबाबू, सी. पद्मा, मलका रमाना, मेडिसेटी रमना सहित अन्य नेताओं ने किया।
