जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं इंद्रावती, शबरी, संकनी-डंकनी, मिंगाचल सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर पानी में डूबने से दो लोगों की मृत्यु हो गयी है। वहीं, दक्षिण बस्तर क्षेत्र में भारी वर्षा से स्कूल की छूट्टी कर दी गई तथा कई जगह जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। हालांकि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी किया है। मूसलाधार वर्षा से यात्री विमान सहित रेल यात्रा पर भी फर्क पड़ा है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के इंद्रावती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है और छोटे नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते इंद्रावती नदी में डूबने से आसना निवासी फुलचंद की मौत हो गई। वहीं ग्राम बुरूंगपाल में 15 वर्षीय बालिका की एक डबरी में डूबने से मौत हो गयी।
हैदाराबाद से जगदलपुर, रायपुर तक चलने वाली विमान सेवा को वर्षा के चलते रद्द कर दिया गया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि यात्रियों को विजिविल्टी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण असुविधा हो रही है।
किरंदुल से विशाखापटनम, जगदलपुर से राउलकेला, जगदलपुर से भुवनेश्वर रेल लाइन भी वर्षा के चलते प्रभावित हो रही है। रेल अधिकरियों के अनुसार बरसात के दिनों में रेलगाड़ियों का संचालन अत्यधिक सावधानी पूर्वक किया जाता है। घाट सेक्शन में आमतौर पर ट्रेनों को 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलाया जाता है।
सुकमा जिले में भारी वर्षा के चलते 50 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। चिंतलनार, जगरगुंडा, झीरमपाल, कांजीपानी सहित 50 से ज्यादा गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है और आवागमन प्रभावित है। मौके पर अधिकारी पहुंच चुके हैं। दंतेवाड़ा जिले में किरंदुल-दंतेवाड़ा मार्ग पर कई जगह पानी भरा होने के कारण आवागमन बंद है। बीजापुर जिले में लगातार हो रहे बारिश से मिंगाचल सहित कई नदी नाले उफान पर हैं। बीजापुर, गंगालुर, पामेड़ का संपर्क टूट चुका है। बीजापुर कलेक्टर ने स्थिति को देखते हुए स्कूल की छूट्टी कर दी है।
भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित
