बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर की स्थानीय अदालत ने एक युवक ही हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने छह वर्ष पूर्व युवक को घर से बुलाकर ले जाने और ईंट से मारकर उसकी हत्या करने के मामले में पीड़ित के गांव चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।
एडीजीसी केशव देव शर्मा और विजय कुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया की अगौता थाने में 05 जनवरी 2016 को गांव अहमदपुर रोरा निवासी असलम ने रिपोर्ट दर्ज कराई की उसके पुत्र मसूद आलम को 04 जनवरी को गांव के ही चार दबंग युवक मूसा आमिर अकबर और कामरान किसी बहाने घर से बुलाकर ले गए। शाम तक मसूद के न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की और बाद में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट अगौता थाने में दर्ज कराई।
वादी के अनुसार 05 जनवरी को मसूद का शव गांव के एक खेत में पड़ा मिला पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर चारों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस के अनुसार युवक मसूद आलम की हत्या पीट-पीटकर और ईंट एवं पत्थर मारकर की गई थी।
इस मामले में मुकदमे की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) फास्ट ट्रेक रेनू मिश्रा के न्यायालय में हुई अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी केशव देव शर्मा और विजय कुमार शर्मा ने की अभियोजन पक्ष की ओर से वादी असलम शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ अनुराग सागर, विवेचक एनएन सिंह सहित आठ गवाह पेश किए गए।
जिन्होंने अभियोजन पक्ष के कथन की पुष्टि की बचाव पक्ष ने चारों युवकों को बेगुनाह बताते हुए अभियोजन पक्ष की कहानी को झूठा करार दिया। एडीजे मिश्रा ने पत्रावली पर उपलब्ध प्रमाणों एवं गवाहों के बयान के आधार पर युवक मूसा आमिर अकबर कामरान को गांव के ही युवक मसूद आलम की हत्या करने का दोषी करार दिया और चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
