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भाजपा नेता भागवत राउत की हत्या के मामले में 7 दोषियों को उम्रकैद

दुमका : झारखंड में दुमका की एक सत्र अदालत ने भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) के नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य भागवत राउत की चर्चित हत्या से संबंधित छह साल पुराने मामले में सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दुमका के तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण प्रसाद की अदालत ने सत्र वाद संख्या 151/2016 ( दुमका नगर थाना कांड संख्या 106/2016 ) से संबंधित मामले में मंगलवार को सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद दोष सिद्ध आरोपी जयपाल उर्फ शिशुपाल राउत, शंभू राउत उर्फ ठेकु राउत,पप्पू राउत, चिंटु उर्फ नारायण हरि, किशोर यादव, मुन्ना दुबे और विप्लव शर्मा को भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनायी। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर सभी को 6-6 महीने के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वहीं, न्यायालय ने भादवि की धारा 120( बी) एवं 34 के तहत सभी आरोपियों को तीन- तीन साल कारावास और 27 आर्म्स एक्ट के तहत पांच -पांच साल के कारावास के साथ 10-10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनायी है। इस धारा के तहत जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर सभी आरोपियों को तीन माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस तरह सभी आरोपियों को जुर्माना राशि के रूप में कुल दो लाख दस हजार रुपए की राशि का भुगतान करना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
मामले में सरकार की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक चम्पा कुमारी ने पैरवी की और बहस में हिस्सा लिया तथा 24 गवाह पेश किये। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कई वरीय अधिवक्ताओं ने बहस में हिस्सा लिया। प्रभारी लोक अभियोजक से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग छह साल पूर्व 03 मई 2016 को भाजपा नेता सह पूर्व जिला परिषद सदस्य भागवत राउत की उनके घर के समीप महुआडंगाल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

आनन-फानन में उन्हें दुमका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र रविकांत राउत के लिखित आवेदन पर दुमका नगर थाना में कांड संख्या 106/2016 दर्ज किया गया था तथा भादवि की धारा 302,120(बी) ,34 और 27 आर्म्स एक्ट के सभी सात आरोपियों को नामजद आरोपी बनाया गया था।

भाजपा नेता भागवत राउत की सरेआम हत्या के बाद शहर में दो दिनों तक जमकर बवाल हुआ था। इसमें जमानत नहीं मिलने की वजह से पप्पू राउत को जेल में ही रहना पड़ा। वहीं 6 अभियुक्त जमानत पर जेल से बाहर थे। न्यायालय ने गुरूवार को सभी को भादवि की धारा 302, 34, 120 बी और आर्म्स एक्ट के 27 के तहत दोषी करार देते हुए। सभी छह दोष सिद्ध अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।

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