भिंड : मध्यप्रदेश की भिंड पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से अधिकारी बनकर लड़के लड़कियों को ठगने वाली एक नाईजीरियन महिला को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने आज बताया कि डेढ़ साल पहले भिंड शहर निवासी 26 वर्षीय युवती की जीवन साथी डॉट कॉम पर हिमांशु राजपूत से जान-पहचान हुयी थी। हिमांशु ने उसे बताया था कि वह लंदन में रहता है। 2 मई 2021 को दिल्ली घूमने आ रहा है।
3 मई 2021 को युवती के पास सोनिया का फोन आया। उसने खुद को नई दिल्ली एयरपोर्ट से एयरपोर्ट इमीग्रेशन डिपार्टमेंट से होना बताया। सोनिया ने कहा कि हिमांशु राजपूत के पास 35 हजार पाउंड पकड़े गए हैं। उसने (हिमांशु) बताया है कि वे इंडिया में सिर्फ आपको जानते हैं। हिमांशु को छुड़ाने के लिए पैसे जमा कराने होंगे। एएसपी श्री खरपुसे ने बताया कि 3 मई से 5 मई तक हिमांशु ने अलग-अलग बहाने बनाकर युवती से 4 लाख 66 हजार रुपए ठग लिए।
15 जून 2021 को भिण्ड पुलिस ने हिमांशु को उत्तर प्रदेश के नोएडा से पकडा था। जब पूछताछ की तो उसका असली नाम जोन जूलियस निकला। बाद में 5 अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए। जोन जूलियस की पत्नी पल्लवी उर्फ सोनिया सोनवाल की लंबे समय से तलाश थी। पति के पकड़े जाने के बाद सोनिया ने नोएडा में जगह बदल दी थी। वो नए ठिकाने पर सुरक्षित तरीके से रह रही थी। इधर, भिण्ड पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस को सुराग लगा। जब पुलिस पहुंची तो पता चला कि सोनिया वहां पल्लवी के नाम से रह रही थी। दबिश दी तो पहले सोनिया ने पुलिस को गुमराह किया।
हालांकि ज्यादा देर तक पुलिस के सामने उसका झूठ नहीं टिक सका। वह अपनी पहचान छिपाकर बहन पल्लवी के नाम की आईडी कार्ड से यहां रह रही थी। बताया जा रहा है कि सोनिया सोनवाल सीधे लोगों के बैंक खाते 10 से 20 हजार रुपए में खरीद लेती थी। साथ ही इन खातों को वह फ्रॉड करने वाले नाइजीरियन को एक से डेढ़ लाख रुपए में बेच देती थी। सोनिया के कब्जे से पुलिस को दो पासपोर्ट, चार मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और दो आधार कार्ड मिले हैं।
नाइजीरियन कपल और उसकी गैंग मैट्रिमोनियल साइट्स पर कुंवारे लड़के-लड़कियों को टारगेट करते थे। खुद को एनआरआई बताकर दोस्ती करते। जान-पहचान जब बढ़ जाती तो कहते कि वे मुलाकात के लिए इंडिया आ रहे हैं। जिस दिन इंडिया आने की तारीख बताते, उसी दिन कस्टम ऑफिसर बनकर विक्टिम को फोन करते। कहते- आपके पहचान वाले को कस्टम ड्यूटी नहीं चुकता करने पर पकड़ लिया है। उनके पास विदेशी मुद्रा और सामान हैं।
इसका टैक्स जमा नहीं किया गया, यह इंडिया में आपको पहचानने की बात कह रहे हैं। यदि आप टैक्स जमा कर दो तो वह इंडिया में आ सकता है। अन्यथा इनका वीजा, पासपोर्ट ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह 10 साल तक इंडिया नहीं आ सकेंगे। ऐसे में विक्टिम बातों में आकर रुपए दे देते थे।
