नई दिल्ली : मनसुख मांडविया ने देश के कुछ हिस्सों में बढ़ते कोविड-19 मामलों के मद्देनजर निगरानी, रोकथाम और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिति और तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की तथा किसी परिस्थिति का सामना करने के लिए केंद्र – राज्य सरकारों के आपसी सहयोग की आवश्यकता बतायी। मांडविया ने आज यहां कोविड समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सतर्क रहना और कोविड-19 के नए और उभरते प्रकारों के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कोविड-19 के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता दोहरायी। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल और डॉ. भारती प्रवीण पवार भी शामिल हुए। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल भी बैठक में उपस्थित थे।
बैठक में शामिल होने वाले राज्य मंत्रियों में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अलो लिबांग, उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बैठक में भाग लिया। इनके अलावा कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, केरल की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती वीणा जॉर्ज, गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत प्रतापसिंह राणे, असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर डॉ. तानाजीराव सावंत, तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा, मणिपुर के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सपम रंजन, ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री निरंजन पुजारी और पुड्डुचेरी के प्रशासक रंगास्वामी ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को काेविड से संबंधित किसी भी स्थिति से निपटने में केंद्र सरकार की सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दियाऔर राज्यों ने भी सहयोग करने पर सहमति जतायी।
