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स्ट्रीट फूड प्रोजेक्ट की समीक्षा की मांडविया ने

नई दिल्ली : मनसुख मांडविया ने गुरुवार को देशभर में 100 स्वस्थ और स्वच्छ फूड स्ट्रीट का विकास करने के लिए ‘फूड स्ट्रीट प्रोजेक्ट’ की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस परियोजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में चार, असम में चार, बिहार में चार, छत्तीसगढ़ में चार, गुजरात में चार, हरियाणा में चार, झारखंड में चार, कर्नाटक में चार, केरल में चार, मध्य प्रदेश में चार, महाराष्ट्र में चार, ओडिशा में चार, पंजाब में चार, राजस्थान में चार, तमिलनाडु में चार, तेलंगाना में चार, उत्तर प्रदेश में चार, उत्तराखंड में चार, पश्चिम बंगाल में चार, दिल्ली में तीन, हिमाचल प्रदेश में तीन, जम्मू कश्मीर में तीन, गोवा में दो, लद्दाख में एक, अरुणाचल प्रदेश में एक, मणिपुर में एक, मेघालय में एक, मिजोरम में एक, नगालैंड में एक, सिक्किम में एक, त्रिपुरा में एक, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में एक, चंडीगढ़ में एक , दादर एवं नागर हवेली में एक, लक्षद्वीप में एक‌ और पुड्डुचेरी में एक‌ फूड स्ट्रीट विकसित की जाएगी। फूड स्ट्रीट को एक करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
इस परियोजना का लक्ष्य खाद्य व्यवसायों एवं जनता के बीच सुरक्षित तथा स्वस्थ खाद्य प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना और खाद्य जनित रोगों को कम करना तथा समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है। इन फूड स्ट्रीट की ब्रांडिंग एफएसएसएआई के दिशानिर्देशों के अनुरुप की जाएगी। वित्तीय सहायता पीने के सुरक्षित पानी, हाथ धोने, शौचालय की सुविधाओं, कॉमन एरिया में टाइल वाले फर्शों, उचित तरल और ठोस अपशिष्ट निपटान, कूड़ेदान का प्रावधान, बिलबोर्ड का उपयोग और स्थायी प्रकृति का साइनेज, कॉमन भंडारण स्थान, प्रकाश व्यवस्था, विशिष्ट प्रकार के व्यापारों के लिए विशिष्ट वाहन, ब्रांडिंग आदि जैसे कार्यकलापों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
स्ट्रीट फूड भारत की खाद्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है और इसने भारतीय खाद्य अर्थव्यवस्था को बनाये रखने तथा इसे आकार देने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह न केवल लाखों भारतीयों के लिए किफायती और स्वादिष्ट भोजन का स्रोत है, बल्कि देश के आर्थिक विकास में एक प्रमुख योगदानकर्ता भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण के साथ, स्ट्रीट फूड केंद्रों ने भोजन की सरल सुविधा प्रदान की है लेकिन इन केंद्रों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता चिंता का विषय बनी हुई है।

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