इम्फाल : मणिपुर विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से विशेष रूप से राज्य और सामान्य रूप से राष्ट्र के हित में मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करने का आग्रह करने का संकल्प लिया। इस संबंध में लीशियो कीशिंग ने एक निजी सदस्य प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सरकारी प्रस्ताव में बदल दिया गया। श्री कीशिंग ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र कांबिंग में म्यांमार से आए बायोमेट्रिक्स लेने के अभियान के दौरान 5000 से अधिक लोग अप्रवासी पाए गए।
उन्होंने कहा कि म्यांमार में अशांति के कारण वहां से बहुत सारे लोग मणिपुर आये। उन्होंने कहा कि मूल निवासियों की संख्या में गिरावट आई है। एक सदस्य ने कहा कि कई स्थानों पर अवैध आप्रवासी बहुसंख्यक हो गए हैं। उन्होंने सीमावर्ती शहर मोरेह का उदाहरण दिया, जहां मैतेई, मुस्लिम, नागा, तमिल रहते थे, लेकिन अब वे सभी शहर छोड़ चुके हैं क्योंकि एक विशेष समुदाय के लोगों ने इसे नियंत्रित कर लिया है।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने चुराचांदपुर, कांगपोकपी और चंदेल जिलों में गांवों तथा जनसंख्या में बड़े पैमाने पर हुयी वृद्धि का डेटा दिया। वहीं, कांग्रेस द्वारा पेश किए गए सभी निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए विचार नहीं किए जाने के कारण कांग्रेस के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया। विस अध्यक्ष सत्यब्रत ने कहा कि स्पीकर का फैसला अंतिम होता है और अध्यक्ष के फैसले पर चर्चा नहीं हो सकती।
मणिपुर विस ने एनआरसी लागू करने का संकल्प लिया
