फिऱोज़पुर : भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को फिऱोज़पुर में सारागढ़ी की ऐतिहासिक जंग के दौरान शही हुए 21 सिख शूरवीरों की याद में बनने वाली स्मारक का निर्माण कार्य छह महीनों में मुकम्मल करने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने यहाँ सारागढ़ी जंग की स्मारक की आधारशिला रखने के बाद कहा कि इस स्मारक के निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी जंग के दौरान सैनिकों की शौर्यगाथा और बलिदान हमारी आने वाली पीढिय़ों को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। देश की प्रभुसत्ता की रक्षा के दौरान दुश्मन के साथ टक्कर लेते हुए शहादत प्राप्त करने वाले 21 बहादुर सैनिकों के बेमिसाल बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना शूरवीरता की बेमिसाल गाथा है, जिसका इतिहास में कोई उदाहरण नहीं है।
मान ने कहा कि 36 सिख के सैनिकों की बेमिसाल गाथा समाना रिज्ज ( अब पाकिस्तान) में घटी थी, जिन्होंने 12 सितम्बर, 1897 को 10,000 अफगानियों के हमले के खि़लाफ़ लड़ाई लड़ते हुए बलिदान दे दिया था। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी की जंग भारतीय फ़ौज के इतिहास में मिसाल बनी रहेगी और यह भी याद करवाती रहेगी कि जब भी पंजाबियों को पीछे धकेलने की कोशिश हुई तो उस समय पर वह अपने सामर्थ्य से अधिक ताकतवार होकर खड़े हो सकते हैं।
जंग के दौरान दिखाए गए साहस के प्रचार की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फ़ौज के इतिहास में आखिरी साँस तक मर मिटने की महान विरासत को नौजवानों में प्रेरणा के प्रतीक के तौर पर उभारने के लिए वचनबद्ध है। मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सारागढ़ी जंग की शौर्यगाथा सिख सैनिकों के जज़्बे और दृढ़ निश्चय की मिसाल पेश करती है, जिन्होंने दुश्मन का सामना करते हुए शहादत प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुल्क इन बहादुर सैनिकों के बेमिसाल बलिदान का सदा ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के इतिहास में बेहद महत्व रखते इस स्थान को अनदेखा करने के लिए पिछली सरकारों की सख़्त निंदा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने यह स्मारक बनाने का एलान किया था और साल 2019 में एक करोड़ रुपए जारी किये थे। उन्हाेंने कहा कि यह कितने दुख की बात है कि इस स्मारक का काम कभी भी शुरू नहीं हुआ, क्योंकि इसके लिए 25 लाख रुपए की और ज़रुरत थी जो जारी नहीं किये गए। इससे शहीदों के प्रति पिछली सरकार के व्यवहार का पता लगता है।
मुख्यमंत्री ने फिऱोज़पुर जिले को राज्य में पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए ठोस प्रयास करने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी स्मारक और हुसैनीवाला, जहाँ शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरू ने शहीदी प्राप्त की थी, इस जिले में आते हैं। उन्होंने कहा कि हुसैनीवाला सरहद के साथ लगते ऐतिहासिक महत्ता वाली इन स्थानों को दुनिया भर के सैलानियों को दिखाया जायेगा।
मान ने सारागढ़ी जंग की स्मारक का नींव पत्थर रखा
