- भारत की बेटी ‘मानसी’ व्यासपीठ पर होंगी विराजमान
- मानसी कथा वाचन से हिन्दू सनातन धर्म का देंगी संदेश
- राष्ट्रीय-मानवता के प्रति सच्ची श्रद्धा सहित ‘मानसी’ के मनोभाव
- मानसी को देश-दुनिया से मिल रहा अटूट स्नेह
- पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वमं मानसी का किया सम्मान
- मानसी की देश के चुनिंदा हाई प्रोफाइल ने की सराहना
- मानसी की जन्मभूमि है रक्सौल और कर्मभूमि है उदयपुर
- ‘मानव सेवा संस्थान’ ट्रस्ट की ब्रांड एम्बेसडर है मानसी
कपिल शर्मा | गौरवशाली भारत
नई दिल्ली | गौरवशाली भारत की विशेष पेशकश और साक्षात्कार में प्रतिभावान वयक्तिव में एक भारत बेटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसक मानसी शर्मा जो कला, संस्कृति, भजन गीत शास्त्रीय संगीत और साहित्य की दुनिया से जुड़ते हुए और हिन्दू सनातन धर्म के प्रचार -प्रसार के लिए और सरस्वती साधना से अध्यात्मिक रुचि रखते हुए मानसी स्वयं को आगे बढ़ाते हुए एक नए सफर की शुरुआत करने जा रही है। नेपाल बोर्डर करीब रक्सौल में जन्मी मानसी मात्र दो वर्ष की आयु में ही नृत्य कला में अपना परचम लहराया है। धीरे – धीरे मानसी के कार्यक्रम कवरेज बढ़ने के साथ लगातार नृत्य, गायन कला में प्रविण 20 वर्षिय मानसी को देश-दुनिया से अटूट स्नेह मिलने लगा। 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मानसी को सम्मानित किया है। मानसी की प्रतिभा से प्रभावित देश के चुनिंदा हाई प्रोफाइल ने भी मानसी की सराहना करते हुए उनके साथ सेल्फी ली है।

राष्ट्रीय राजधानी सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नृत्य एवं शास्त्रीय संगीत गायन की कला प्रतिभा से अपनी पहचान एवं अभिज्ञान का विस्तार कायम करने वाली प्रतिभावान मानसी शर्मा अपने बाल्यकाल में महज़ दो वर्ष की आयु में ही कामयाबी की धूम मचाना आरंभ किया। जिसे परिंदे देख उन्हें खुश होते हैं। कली-कली मुस्काती है, कुछ फरिश्तों को कुदरत की बोली आती है। ऐसे फरिश्तों में मानसी मानवता के लिए मिसाल बनने जा रही है। आपने देखा होगा कि, पर्यावरण संरक्षण का काम, कुदरत को बचाने का काम, बेजुबां जानवरों की भावनाओं का ख्याल और गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता न केवल सामाजिक कार्यकर्ता कर रहे हैं। बल्कि, गैर सरकारी संगठन भी उनमें शामिल हैं। एक ऐसा संस्थान जो मानवता के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान के जिला उदयपुर स्थित मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट की ब्रांड एम्बेसडर मानसी शर्मा जिनके विचार, मेरी मंजिल मुझे पूर्व में नहीं, मेरी मंजिल तू मुझे दूर दे, तू दिखा मुझे वही रास्ता, जो सफर के बाद गुरुर दे..मानसी कथा वाचन से हिन्दू सनातन धर्म का संदेश देंगी। मानसी की अभिलाषा एक श्रेष्ठ कथा वक्ता स्वरूप व्यासपीठ पर विराजमान होना है। मानसी की प्रेरणा उनके पिता रजनीश कुमार शर्मा और माता विनिता शर्मा हैं। मानसी अपने कार्य के प्रति सच्ची श्रदा भाव से समर्पित है। अध्यातमिक प्रेरणा दायक उनके पिता का कहना है कि, उनकी बेटी मानसी की लग्न और निष्ठा उन्हें उनकी मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगी।
गौरवशाली भारत के प्रिय पाठकगण आपको बतादें कि, जिंदगी में जो कार्य आपका मस्तिष्क गौरव से ऊंचा उठा दे , वह काम ही आपकी पूजा होती है। और उस काम को आपको जरूर करना चाहिए चाहे वह फिर कोई हुनर हो, या कला, ये कला और हुनर आपके भीतर के कलाकार को न केवल बाहर निकालती है। बल्कि, आपकी ही नजरों में आपकी इज्जत्त भी बढ़ाती है साथ ही पूरी दुनिया में अगर आप सितारा बनकर चमकना चाहते हैं तो आपको अपने भीतर के हुनर को एक मौका जरूर देना चाहिए।
