मुंबई : इजराइल-हमास संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के कमजोर तिमाही परिणाम से विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर हुई मुनाफावसूली के दबाव में आज शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन हाहाकार मच गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 522.82 अंक अर्थात 0.81 प्रतिशत का गोता लगाकर चार महीने के निचले स्तर 64049.06 अंक पर आ गया। इससे पहले यह 28 जून को 63915.42 अंक पर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 159.60 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 19122.15 अंक पर आ गया।
बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों में भी बिकवाली का दबाव रहा। इस दौरान मिडकैप 0.52 प्रतिशत लुढ़ककर 30,920.09 अंक और स्मॉलकैप 0.77 प्रतिशत गिरकर 36,321.61 अंक रह गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3795 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2464 में गिरावट जबकि 1223 में तेजी का रुख रहा वहीं 108 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी की 40 कंपनियां लाल जबकि शेष 10 हरे निशान पर रही।
बीएसई में धातु समूह की 0.85 प्रतिशत की तेजी को छोड़कर शेष 19 में बिकवाली हावी रही। इस दौरान कमोडिटीज 0.50, सीडी 0.43, ऊर्जा 0.24, एफएमसीजी 0.43, वित्तीय सेवाएं 0.83, हेल्थकेयर 0.67, इंडस्ट्रियल्स 1.30, आईटी 1.13, दूरसंचार 1.29, यूटिलिटीज 1.25, ऑटो 0.30, बैंकिंग 0.70, कैपिटल गुड्स 1.11, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.63, तेल एवं गैस 0.59, पावर 1.09, रियल्टी 0.80, टेक 1.39 और सर्विसेज समूह के शेयर 0.18 प्रतिशत लुढ़क गए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलाजुला रुख रहा। इस दौरान जर्मनी का डैक्स 0.24 फिसल गया जबकि ब्रिटेन का एफटीएसई 0.03, जापान का निक्केई 0.67, हांगकांग का हैंगसेंग 0.55 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.40 प्रतिशत चढ़ गया।
मुनाफावसूली का शिकार हुआ बाजार
