भोपाल : मंगुभाई पटेल ने आज कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं को मिशन मोड में क्रियान्वित कर रही है और केंद्र सरकार के सहयोग से निर्मित हो रहे अटल प्रगति पथ समेत पांच एक्सप्रेस हाइवे इस राज्य की तस्वीर को बदलकर रख देंगे।
पटेल ने विधानसभा के बजट सत्र की शुरूआत पर अपने अभिभाषण में यह बात कही। उन्होंने अपने अभिभाषण में राज्य में हाल के वर्षों में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने का प्रयास किया। पटेल ने यह भी बताया कि सरकार ने माताओं, बहनों, बेटियों और बच्चों की जिंदगी को संवारने के अनुष्ठान को अभूतपूर्व आयाम दिए हैं। इसी क्रम में ”मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” प्रारंभ होने जा रही है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लगभग 16 वर्ष पहले प्रारंभ की गयी लाड़ली लक्ष्मी योजना में लखपति लाड़लियों की संख्या 44 लाख 39 हजार से अधिक हो गयी है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं को मिशन मोड में क्रियान्वित कर रही है। पिछले दो वित्त वर्षों के दौरान लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से आठ हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों का निर्माण, उन्नयन एवं नवीनीकरण तथा 69 पुलों का निर्माण किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 27 हजार करोड़ रुपए से अधिक के सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। बीते तीन वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत 17 हजार 500 करोड़ रुपए से अधिक के मार्गों की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
पटेल ने कहा कि रीवा सीधा सिक्स लेन एक्वाडक्ट टनल के निर्माण ने आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को एक नई दिशा दी है। केंद्र सरकार के सहयोग से निर्मित हो रहे अटल प्रगति पथ समेत पांच एक्सप्रेस हाइवे मध्यप्रदेश की तस्वीर को बदल देंगे। नर्मदा एक्सप्रेस वे और विंध्य एक्सप्रेस वे, समृद्धि और विकास के महामार्ग साबित होंगे। सिंगरौली में नवीन हवाई पट्टी, रीवा में एयरपोर्ट (हवाईअड्डा) निर्माण और ग्वालियर में विमानतल के विस्तार एवं विकास से आम आदमी के हवाईयात्रा के सपने साकार होंगे।
राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरूआत में ही प्रधानमंत्री के ”विजन” का जिक्र करते हुए कहा कि वे पंद्रहवीं विधानसभा के पांचवें और अंतिम बजट सत्र में सदन को संबोधित कर रहे हैं। यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अमृत महोत्सव से लेकर अमृतकाल तक समृद्ध, विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक नयी महायात्रा प्रारंभ हुयी है। मध्यप्रदेश भी कमद से कमद और कंधे से कंधा मिलाकर प्रधानमंत्री के सपनों एवं संकल्पों की सिद्धि में अपना हरसंभव योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश की सरकार राज्य के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रमाण और प्रतिबिंब है।
अधोसंरचना विकास पर सबसे ज्यादा जोर
