नई दिल्ली : राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने कहा है कि देश के पिछडे़ वर्ग को न्याय देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उनकी सरकार ने जो निर्णय लिये तथा न्याय दिया है, इससे पहले सत्ता पक्ष के लोगों ने इस पर कभी विचार भी नहीं किया था। अहीर ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन ने कहा कि देश के पिछड़े वर्गों में योग्यता, कुशलता, कारीगीरी, मेहनती लोगों की कोई कमी नहीं है।
इस वर्ग की अधिकांश जातियां कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं, जिनमें मजदूर भी हैं और कुशल कारीगर भी, वे अपने व्यवसाय से समाज सेवा के साथ मेहनत से समाज की जरूरतें पूरी करते हैं। इस वर्ग को आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में विकास से वंचित रखा गया था, लेकिन मोदी ने उन्हें न्याय दिलाया है। मोदी सरकार के नौ साल के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सबल और सशक्त बनने का मौका मिला है।
अहीर ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष 2018 में आयोग को संवैधानिक दर्जा देते हुए इसकी गरिमा बढ़ाई तथा पिछड़ों के हित में प्रभावी तरीके से आयोग को कार्य करने का अवसर दिया। ओबीसी को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में पिछड़ी जाति के 27 मंत्री, लगभग 35 प्रतिशत से अधिक शामिल करते हुए पिछड़ा वर्ग को न्याय और सम्मान दिया।
