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मोदी सरकार ने की है गरीबों की परवाह

नई दिल्ली : लोकसभा में तीन दिनों के गतिरोध के बाद मंगलवार को हुई कार्यवाही में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पर शुरू हुई। इसकी शुरुआत करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चंद्र प्रकाश जोशी ने कहा कि मोदी सरकार गांव-गरीबों के हितों की चिंता करते हुए अनेक योजनायें लायी है जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आये हैं।
इससे पहले सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर विपक्ष ने अडानी समूह के बारे में एक अमेरिकी ब्रोकर कंपनी की रिपोर्ट पर चर्चा कराये जाने की मांग को लेकर हंगामा हुआ था और सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी थी।
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब को गणेश मानकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं जिससे पूरे देश में खुशहाली आ रही हैं। किसानों के लिए अनेक योजनायें लाकर मोदी सरकार ने पिछड़े और गरीब लोगों की प्रगति के द्वार खोले हैं। मोदी की योजनाओं के कारण देश में संपर्क सुविधाएं काफी विस्तृत और मजबूत हुई हैं, जिससे लोगों को काफी सहूलियत हो रही है। सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग से दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। देश में आवागमन की सुविधायें बढ़ जाने से सुदूरवर्ती इलाकों में भी विकास कार्य तेज गति से चलने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए मोदी सरकार देश में नये मेडिकल कालेज और अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान खोलने के साथ ही आयुष्मान योजना लायी हैं जिससे गरीबों का बड़े अस्पतालों में उपचार संभव हुआ है। जन औषधि दवा की दुकानों के खुलने से लोगों का दवाओं पर खर्च कम हो रहा है।
मोदी सरकार ने गरीबों को घर, नल से जल योजना से पेयजल और शौचालय बनवाकर उनका जीवन स्तर सुधार दिया है। बिजली और घरेलू गैस कनेक्शन की सुविधा मिल जाने गरीब भी अपने घरों में सभी सुविधाएं जुटा पा रहे हैं।
जोशी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था फलफूल रही और अब यह विश्व की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गयी है। भारत को गुलाम बनाने वाले देश ब्रिटेन से भी भारत की अर्थव्यवस्था बड़ी हो गयी है।
जोशी ने कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत तो जुड़ा ही है, कांग्रेस नेता अपनी पार्टी में एकता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इसी संदर्भ में राजस्थान का उल्लेख किया और कहा कि वहां ‘कांग्रेस के दो बड़े नेता तो एक-दूसरे से जुड़ नहीं पा रहे हैं और कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं।’
दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष बिरला ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये। इस दौरान भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सदस्य अडानी समूह पर आयी हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े मामले की संयुक्त जांच समिति (जेपीसी) से मांग करनी शुरू कर दी। वे इस दौरान नारे भी लगाते रहे। अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से उनको कोई समर्थन मिलता नहीं दिखा। बीआरएस सदस्य कुछ ही देर बाद अपनी मांग न माने जाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन कर गये।
गौरतलब है कि पूर्वाह्न 11 बजे भी अडानी समूह पर आयी अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आलोक में सदन में चर्चा और जेपीसी की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया जिससे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी। हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर कार्यस्थगन के जरिए चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामें कारण सदन में तीन दिनों तक कोई कामकाज नहीं हुआ।
सरकार की ओर से कहा जा रहा था कि परम्परा के अनुसार पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराना उचित रहेगा, इसके बाद ही किसी भी मुद्दे पर सरकार नियमानुसार चर्चा कराने को तैयार है।

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