भुवनेश्वर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के पश्चिमी संबलपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान 68,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संबलपुर में प्रधानमंत्री की ओर से कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देना है। श्री मोदी ‘जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन परियोजना (जेएचबीडीपीएल)’ के ‘धामरा-अंगुल पाइपलाइन खंड’ (412 किलोमीटर) का उद्घाटन करेंगे। ‘प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा’ के तहत 2,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह परियोजना ओडिशा को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी।
मोदी मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा पाइपलाइन के ‘नागपुर झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन खंड’ (692 किमी) की आधारशिला भी रखेंगे। इस 2,660 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित होने वाली परियोजना से ओडिशा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बेहतर होगी। साथ ही इस कार्यक्रम के दौरान श्री मोदी करीब 28,980 करोड़ रुपये की कई बिजली परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और कई अन्य की आधारशिला रखेंगे।
राष्ट्र को समर्पित की जाने वाली परियोजनाओं में ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एनटीपीसी दर्लिपाली सुपर थर्मल पावर स्टेशन और एनएसपीसीएल राउरकेला पीपी-II विस्तार परियोजना शामिल हैं। वह ओडिशा के अंगुल जिले में एनटीपीसी तालचेर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तीसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। ये बिजली परियोजनाएं ओडिशा के साथ-साथ कई अन्य राज्यों को कम लागत वाली बिजली की आपूर्ति करेंगी। प्रधानमंत्री 27000 करोड़ से अधिक की नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन (एनएलसी) तालाबीरा थर्मल पावर परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए यह अत्याधुनिक परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देकर 24 घंटे विश्वसनीय, सस्ती और निर्बाध बिजली प्रदान करेगी तथा देश की आर्थिक वृद्धि एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मोदी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे जिसमें फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाएं – अंगुल जिले के तालचेर कोलफील्ड्स में भुवनेश्वरी चरण- I और लाजकुरा रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) शामिल हैं। करीब 2145 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से ओडिशा से सूखे ईंधन की गुणवत्ता और आपूर्ति में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में बनी आईबी वैली वॉशरी का भी उद्घाटन करेंगे। यह गुणवत्ता, महत्वपूर्ण नवाचार और स्थिरता के लिए कोयला प्रसंस्करण में एक आदर्श बदलाव का प्रतीक होगा।
वह महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 878 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित झारसुगुड़ा-बारपाली-सरदेग्ना रेल लाइन चरण-1 के 50 किमी लंबे दूसरे ट्रैक को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और करीब 2110 करोड़ रुपये की संचयी लागत पर विकसित राष्ट्रीय राजमार्गों की तीन सड़क क्षेत्र परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
इन परियोजनाओं में एनएच 215 (नया एनएच नंबर 520) के रिमुली-कोइदा खंड को चार लेन का बनाना, एनएच 23 (नए एनएच नंबर 143) के बिरमित्रपुर-ब्राह्मणी बाईपास अंतिम खंड को चार लेन करना, एनएच 23 (नया एनएच नंबर 143) और ब्राह्मणी बाईपास अंत-राजामुंडा खंड को चार लेन बनाना शामिल है।
ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देंगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री लगभग 2146 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं में से कुछ राष्ट्र को समर्पित करेंगे और कुछ अन्य की आधारशिला रखेंगे। वह संबलपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे, जिसकी वास्तुकला शैलश्री पैलेस से प्रेरित है।
प्रधानमंत्री संबलपुर-तालचेर दोहरीकरण रेलवे लाइन (168 किलोमीटर) और झारतरभा से सोनपुर नई रेलवे लाइन (21.7 किलोमीटर) का भी लोकार्पण करेंगे जिससे क्षेत्र में रेल नेटवर्क क्षमता बढ़ेगी। मोदी पुरी-सोनेपुर-पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे जिससे क्षेत्र में रेल यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा और आईआईएम संबलपुर के स्थायी परिसर का उद्घाटन करेंगे। संबलपुर की अपनी यात्रा के दौरान श्री मोदी झारसुगुड़ा प्रधान डाकघर विरासत भवन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
मोदी कई परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास
