नई दिल्ली : द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि देश में विश्वकर्मा परिवारों के बिना दैनिक जीवन की कल्पना भी मुश्किल है और उनकी सरकार ने ऐसे परिवारों की सुध ली है और पीएम विश्वकर्मी योजना से अब तक 84 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में कहा कि विश्वकर्मा परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी, अपने कौशल को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन सरकारी मदद के अभाव में ये परिवार बुरी स्थिति से गुजर रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा, ‘ मेरी सरकार ने ऐसे विश्वकर्मा परिवारों की भी सुध ली है और अब तक पीएम विश्वकर्मा योजना से 84 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।’
उन्होंने कहा कि रेहड़ी-ठेले-फुटपाथ पर काम करने वाले साथी भी दशकों से अपने हाल पर छोड़ दिये गये थे। सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना द्वारा उनको बैंकिंग से जोड़ा। इस योजना के तहत अब तक 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की राशि के ऋण दिये जा चुके हैं। सरकार ने इन पर भरोसा करते हुये बिना जमानत के ऋण दिया। उस भरोसे को मजबूत करते हुये अधिकतर लोगों ने ऋण तो वापस किया ही, अगली किश्त का भी लाभ उठाया। इस योजना के अधिकतर लाभार्थी दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिलायें हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना से 84 लाख से अधिक लोग जुड़े
